खाना खाते टाइम फोन यूज़ करने वालों सुन लो, टॉयलेट सीट से 10 गुना गंदा होता है ये
ज्यादातर लोग दिनभर अपने साथ मोबाइल रखते हैं। रखें भी क्यों न, भई दिनभर में कितने ही जरूरी कॉल, मेल और मैसेज आते हैं, जिन्हें आप मिस नहीं करना चाहते हैं। हालांकि कुछ लोग अपने फोन से कुछ ज्यादा ही लगाव रखते हैं और उसे टॉयलेट में भी ले जाते हैं। क्योंकि बोरियत तो टॉयलेट में भी हो सकती है। अगर आप भी इनमें से किसी भी कैटिगिरी में फिट होते हैं, तो फोन से जुड़ी ये खबर आपके लिए ही है।

डेलॉयट सर्वे में खुलासा-
डेलॉयट के एक सर्वे की रिपोर्ट में सामने आया कि आपके अंदाजे से कहीं ज्यादा गंदा होता है आपका फोन। रिसर्च में यह बात सामने आई कि जहां टॉयलेट सीट्स में बैक्टीरिया की 3 स्पीसीज (प्रजातियां) पाई गईं, वहीं मोबाइल में बैक्टीरिया की एवरेज 10-12 स्पीसीज मिलीं। मोबाइल स्क्रीन्स में ई-कोलाइ और फीकल जैसे घातक बैक्टीरिया पाए गए।
डेलॉयट सर्वे में खुलासा-
डेलॉयट के एक सर्वे की रिपोर्ट में सामने आया कि आपके अंदाजे से कहीं ज्यादा गंदा होता है आपका फोन। रिसर्च में यह बात सामने आई कि जहां टॉयलेट सीट्स में बैक्टीरिया की 3 स्पीसीज (प्रजातियां) पाई गईं, वहीं मोबाइल में बैक्टीरिया की एवरेज 10-12 स्पीसीज मिलीं। मोबाइल स्क्रीन्स में ई-कोलाइ और फीकल जैसे घातक बैक्टीरिया पाए गए।
हाथों से मोबाइल तक जाते हैं जर्म्स-
रिपोर्ट में कहा गया कि ये भयानक जर्म्स आपके हाथों के जरिए मोबाइल तक पहुंचते हैं। सर्वे के मुताबिक, अमेरिका में एक दिन में लोग कम से कम 47 बार अपना मोबाइल चेक करते हैं, जिससे उनके हाथों से जर्म्स (कीटाणु) मोबाइल में चले जाते हैं।
मोबाइल में 17,000 से ज्यादा बैटीरियल जीन्स-
रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि हाई स्कूल के स्टूडेंट्स के मोबाइल में 17,000 से ज्यादा बैटीरियल जीन्स पाए गए। एरिजोना यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने पाया है कि मोबाइल फोन में टॉयलेट सीट्स से 10 गुना ज्यादा तक जर्म्स होते हैं।
मोबाइल फोन्स में मिले 12 तरह के बैक्टीरिया-
यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफोर्निया के प्रोफेसर डॉक्टर विलियम डीपाउलो ने भी इस बारे में एक स्टडी की है। उनकी टीम ने टॉयलेट सीट के मुकाबले मोबाइल फोन में बैक्टीरिया का पता लगाने के लिए एक कंपनी के एंप्लॉयीज की मोबाइल स्क्रीन्स से स्वाब कलेक्ट किए। इनके परीक्षण में सामने आया कि मोबाइल में बैक्टीरिया की एवरेज 10-12 स्पीसीज मिलीं, वहीं टॉयलेट सीट्स में बैक्टीरिया की 3 प्रजातियां पाई गईं।
खाना खाते समय फोन का इस्तेमाल-
कई यूजर्स हर समय अपडेट रहने के लिए खाना खाते समय भी फोन का इस्तेमाल करते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो सावधान हो जाइए, तो क्योंकि कई लोग हाथ से खाना खाते हैं। अब खाना खाने से पहले हाथ तो धोए जा सकते हैं, लेकिन फोन की स्क्रीन को धोना संभव नहीं है। ऐसे में स्क्रीन को टच करने से ये खतरनाक बैक्टेरिया आपके पेट में जा सकते हैं।


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