आपकी रातों की नींद उड़ा सकता है मोबाइल फोन

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मोबाइल फोन से शरीर की उपापचय (मेटाबॉलिज्म) क्रिया में निश्चित तौर पर कुछ बदलाव आता है, भले ही मोबाइल सेवा प्रदाता इससे इनकार करें। चिकित्सा विशेषज्ञ ने यह बात कही। मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में विकिरण ऑन्कोलॉजी के प्रोफेसर मनोज शर्मा ने यहां कहा, "मोबाइल फोन से जुड़ा कैंसर अकेला मुद्दा नहीं है। थकावट, नींद की बीमारी, ध्यान केंद्रित न होना और पाचन में गड़बड़ी जैसी समस्याएं मोबाइल फोन के इस्तेमाल से होती है।

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राष्ट्रीय राजधानी स्थित इंडिया इंटरनेशल सेंटर में स्वास्थ्य पर 'मोबाइल फोन विकिरण का प्रभाव' परिचर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन के इस्तेमाल से दीर्घावधि स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों पर कोई योग्य शोध नहीं किया गया है। उन्होंने दावा किया कि मस्तिष्क के बिल्कुल नजदीक मोबाइल फोन रखकर बात करने से ब्रेन ट्यूमर की संभावना है।

मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के ही एक अन्य प्रोफेसर नरेश गुप्ता ने कहा, "मोबाइल फोन के इस्तेमाल का मेटाबॉलिज्म पर पड़ने वाले प्रभाव की बात सही है।" उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन सेवा एक उभरती हुई प्रौद्योगिकी है और स्वास्थ्य पर इससे पड़ने वाले प्रभाव के अध्ययन के लिए धनराशि उन मोबाइल कंपनियों द्वारा ही उपलब्ध कराई जाती है।

English summary
Mobile phones are certainly causing some changes in the human body's metabolism unlike claims made by cellular operators, medical experts
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