2014 में इंसानों से ज्यादा होंगे मोबाइल

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मोबाइल यूजरों की बढती संख्‍या 2014 तक एक नया रिकार्ड आकड़ा बनाने वाली है। अगले साल यानी 2014 में मोबाइल की संख्या इंसानों से ज्यादा हो जाएगी। यह बात यूनाइटेड नेशन की एक एजेंसी की रिपोर्ट में कही गई है। जी हां दोस्‍तों मोबाइल आज हर किसी की जरूरत बन चुका है फिर वो चाहें किसी भी वर्ग का क्‍यों न हो। इंटरनैशनल टेलिकॉम्स यूनियन (आईटीयू) के मुताबिक अगले साल मोबाइल सब्स्क्रिप्शन 7 अरब से ज्यादा हो जाएंगे।

 

यानी हमारी पूरी दुनिया में रह रहें लोगों से ज्‍यादा मोबाइल सब्रस्‍क्राइबर हो जाएंगे। ऐसा इसलिए क्‍योंकि कई लोग एक साथ दो सर्विस प्रोवाइडरों का प्रयोग करते हैं। खासकर अफ्रीकी और एशियाई देशों में ड्युल सिम फोन ज्‍यादा प्रयोग किए जाते हैं। इस वक्त 6.8 मोबाइल फोन सब्स्क्रिप्शन हैं, जबकि पूरी दुनिया की जनसंख्या 7.1 अरब है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दुनिया के एक तिहाई से ज्यादा लोग ऑनलाइन हैं।

2014 में इंसानों से ज्यादा होंगे मोबाइल

रिपोर्ट के मुताबिक सोवियत यूनियन से अलग हुए देशों के समूह कॉमनवेल्थ ऑफ इंडिपेंडेंट स्टेट्स में हर आदमी के लिए 1.7 सब्स्क्रिप्शन के साथ सबसे ज्यादा मोबाइल हैं, जबकि हर 100 लोगों पर 63 सब्स्क्रिप्शन के साथ अफ्रीका सबसे नीचे है।

मोबाइल इकनॉमी 2013 रिपोर्ट के कुछ फैक्‍ट्स

  1. 4 साल के अंदर करीब 1 बिलियन मोबाइल सबस्‍क्राइबरों की बढ़ोत्‍तरी हुई। यानी पूरी धरती में रह रहे 7 बिलियन लोगों में से 3.2 लोगों के पास मोबाइल फोन है।
  2. धरती की आधी आबादी मोबाइल फोन प्रयोग करती है।
  3. 2017 तक 700 मिलियन सबस्‍क्राइबर और जुड़ जाएंगे।
  4. अफ्रीका और लेटिन अमेरिका भी मोबाइल यूजरों के मामले में काफी आगे हैं यहां 2017 तक 0.6 बिलियन नए मोबाइल सबस्‍क्राइबर हो जाएंगे।
  5. भारतीय स्‍मार्टफोन उपभोक्‍ता हर दिन 2.5 घंटे मोबाइल पर बिताता है।

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