हर रोज 33 लाख से ज्यादा ट्रेन टिकट की कैश बुकिंग, कब बनेगा डिजिटल भारत?
भारत सरकार देश को तेजी से डिजिटलीकरण की तरफ ले जाने की कोशिश कर रही है। जहां एक तरफ देश में कैश लैस ट्रांजेक्शन और पेपल लैस वर्क लाने जैसी बातें की जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ लोग अभी तक ट्रेन की टिकट की बुकिंग के लिए भी कैश से पेमेंट करना पसंद सकते हैं। हाल ही में वेबसाइट रेलयात्री डॉट इन द्वारा एक सर्वे किया गया, जिसमें लोगों की भुगतान जैसी आदतें सामने आईं।

railyatri.in ने अपने सर्वे रिपोर्ट में बताया कि अभी-भी हर महीने एक करोड़ ट्रेन टिकटों की बुकिंग कैश में हो रही है। साथ ही भारत में आधे से ज्यादा ट्रेन टिकटों की बुकिंग कैश पेमेंट के जरिए हो रही है। यह सर्वे देशभर में ग्राहकों और बुकिंग एजेंट्स पर किया गया है। सर्वे में कहा गया कि डिजिटल पेमेंट के अप्रचलन के पीछे मुख्य वजह डिस-इनसेंटिव ईकोसिस्टम है, जो कैश लेन-देन को बढ़ावा देने में बाधा पैदा कर रहा है।
इस सर्वे में ये भी सामने आया कि अधिकृत एजेंट्स रिजर्व ट्रेन टिकट खरीदते हैं और इन रिजर्व टिकटों की बिक्री में आधा हिस्सा उनका होता है। साथ ही डिजिटल भुगतान प्राप्त करने के लिए एजेंट के पास विकल्प मौजूद होता है, लेकिन इसके बाद भी वह 100 प्रतिशत टिकटों की बुकिंग कैश में ही करते हैं। भुगतान की इस पद्धति को बदलने और देश में डिजिटलीकरण करने के लिए कई सुधार की जरूरत है।
सर्वे में कहा गया कि ट्रेन टिकट खरीदने के लिए लोग ऑनलाइन बुकिंग की जगह अभी भी टिकट एजेंट पर निर्भर रहना पसंद कर रहे हैं। करीब 65 हजार लघु व्यवसाय देशभर हर गली-नुक्कड़ पर स्थित हैं। केंद्र सरकार देश को कैश लैस और डिजिटल पेमेंट के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
कुछ समय पहले सरकार ने डिजिटल पेमेंट को लेकर स्वदेशी ऐप भीम लॉन्च किया था। इसके बाद गूगल के साथ मिलकर सरकार ने एक और ऐप तेज ऐप लॉन्च किया है। इसके बाद भी ये सर्वे में आने वाले इस तरह के नतीजे सरकार को सोचने पर मजबूर करते हैं।


Click it and Unblock the Notifications








