दिमाग में लगेगी चिप! Elon Musk बड़ा कारनामा करने को तैयार; Neuralink को मिली FDA की मंजूरी
Neuralink Cleared By FDA: एलन मस्क की ब्रेन-चिप कंपनी Neuralink ने एक और जरूरी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी को अमेरिकी FDA (फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) से अपनी नई ब्रेन चिप के लिए 'ब्रेकथ्रू डिवाइस डिज़ाइनेशन' मिला है। इस नई चिप की बात करें तो यह खासतौर पर उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है, जिन्होंने किसी बीमारी या चोट के कारण बोलने की क्षमता खो दी है।
बता दें कि यह घोषणा कुछ ही सप्ताह बाद आई है जब न्यूरालिंक ने Blindsight नामक चिप की पहली सफल मानव इम्प्लांटेशन की जानकारी साझा की थी, जो विजन रिस्टोरेशन पर केंद्रित है। आइए इस कारनामे के बारे में जानते हैं।

क्या है यह नई ब्रेन चिप?
न्यूरालिंक की यह नई ब्रेन चिप उन लोगों की मदद करने के लिए बनाई गई है जो ALS (Amyotrophic Lateral Sclerosis), स्ट्रोक, स्पाइनल कॉर्ड इंजरी, सेरेब्रल पाल्सी, मल्टीपल स्क्लेरोसिस और अन्य न्यूरोलॉजिकल कंडिशन से परेशान हैं। इन बीमारियों में हमारा दिमाग सामान्य रूप से कार्य करता है, लेकिन व्यक्ति बोलने या हिलने-डुलने में असमर्थ हो जाता है। ऐसे में ये चिप दिमाग से सिग्नल पढ़कर उन्हें कंप्यूटर में ट्रांसफर करती है, जिससे कम्युनिकेशन संभव हो पाता है।
FDA से मिली खास मंजूरी
जैसा कि हम बता चुके हैं कि इस चिप को FDA से Breakthrough Device Designation की मान्यता मिली है, जिसे FDA उन टूल्स को देती है जो गंभीर बीमारियों या अपंगता के इलाज में क्रांतिकारी साबित हो सकते हैं। इस मंजूरी के बाद न्यूरालिंक अब इस चिप का मानव परीक्षण (ह्यूमन ट्रायल) शुरू करने की तैयारी में है। कंपनी ने मरीजों को अपने Patient Registry के जरिए साइन अप करने का कंट्रोल दिया है।
ALS मरीज के लिए फायदेमंद
FDA की मंजूरी से पहले ही न्यूरालिंक ने इस तकनीक का टेस्ट शुरू कर दिया था। Bradford G Smith नामक एक ALS पीड़ित ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपना एक्सपीरियंस शेयर किया, जिसमें उन्होंने बताया कि एक रोबोट ने उनके खोपड़ी के एक हिस्से को हटाकर अल्ट्रा-स्लिन थ्रेड्स को मस्तिष्क में इस तरह से ट्रांसप्लांट किया कि किसी ब्लड वेसल को नुकसान न पहुंचे।
इस चिप में 1,024 इलेक्ट्रोड्स होते हैं, जो दिमाग से सिग्नल पढ़कर एक कंप्यूटर तक भेजते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से इन सिग्नल को रियल टाइम में डिकोड किया जाता है। Brad अब अपनी जुबान से कर्सर को कंट्रोल कर सकते हैं और जबड़ा दबाकर 'क्लिक' कर सकते हैं। इससे उन्हें कंप्यूटर के जरिए बातचीत करने की क्षमता मिली है, जो पहले मुमकिन नहीं थी।
क्या है कंपनी का अगला कदम?
इस चिप के अलावा न्यूरालिंक कई अन्य ब्रेन इम्प्लांट्स पर भी काम कर रही है। Blindsight चिप की मदद से रोशनी गंवा चुके लोग दोबारा देख सकेंगे। यह चिप आंखों को बायपास करके दिमाग के विजुअल कॉर्टेक्स को सीधे सिग्नल भेजती है।
इसके अलावा, कंपनी एक सिस्टम पर भी काम कर रही है जिसे 'Telepathy' नाम दिया गया है। इसका उद्देश्य है कि लकवाग्रस्त लोग केवल अपने विचारों से डिवाइस को कंट्रोल कर सकें।
न्यूरालिंक की यह नई उपलब्धि ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है। FDA की मंजूरी और सफल मानव परीक्षणों के साथ, एलन मस्क का सपना अब हकीकत की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यह तकनीक न सिर्फ कम्युनिकेशन की दुनिया को बदलने वाली है, बल्कि लाखों लोगों को एक नया जीवन देने का वादा भी करती है।


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