पढ़ाने के साथ-साथ उदाहरण भी देगा आपका कंप्यूटर

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मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी प्रणाली का इजाद किया है जो असंगठित आंकड़ों से अनुकूल चीजें हासिल करने की कंप्यूटर की क्षमता बढ़ा सकता है और मनुष्यों की निर्णय क्षमता बढ़ाने में मददगार हो सकता है। बड़े आंकड़ों के प्रतिमान की पहचान करने में कम्प्यूटर सर्वोत्तम होते हैं जबकि इसके विपरीत मनुष्य कुछ ही प्रतिमानों की पहचान कर पाते हैं।

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शोधकर्ताओं ने बताया कि नई प्रोटोटाइप आधारित मशीन लर्निग प्रणाली, जानकारी संसाधित करने के इन दोनों तरीकों के बीच एक पुल का काम करेगी, ताकि कंप्यूटर और मनुष्य मिलकर बेहतर निर्णय लेने में एक दूसरे का सहयोग कर सकें।

पढ़ाने के साथ-साथ उदाहरण भी देगा आपका कंप्यूटर

एमआईटी में वैमानिकी और अंतरक्षियानिकी की सहायक प्राध्यापक और इस शोध की सह लेखक जूली शाह ने कहा, "इस काम में हम देख रहे थे कि क्या हम मशीन से सीखने की तकनीकी को बढ़ावा दे सकते हैं ताकि यह लोगों को ठीक निर्णय लेने की पहचान दे सके।"

प्रयोगों में नई प्रणाली का उपयोग करने वाले मानव प्रतिभागी, वर्गीकरण कार्यो में मौजूदा एल्गोरिथम के आधार पर एक समान प्रणाली का उपयोग करने वालों की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक बेहतर थे। एमआईटी शोधकर्ताओं ने एल्गोरिथम के प्रकार में दो प्रमुख संशोधन किए हैं, आमतौर पर जिनका प्रयोग सीखने में किया जाता है, जिसमें साधारणत: कम्प्यूटर असंगठित आंकड़ों में अनुकूलताएं ढूंढ़ता है। निष्कर्षो को अगले सप्ताह मॉन्ट्रियल (कनाडा) में होने वाले तंत्रिका सूचना प्रोसेसिंग सोसायटी के सम्मेलन में प्रस्तुत किया जाएगा।

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