रेडिएशन का हव्वा हुआ खत्म, अब मोबाइल से नहीं कोई डर
हमने अक्सर अपने बड़ों को ये कहते हुए सुना है कि ज्यादा समय फोन पर नहीं रहना चाहिए। बच्चों के सामने भी फोन नहीं रखना चाहिए, न ही बच्चों को फोन देना चाहिए, क्योंकि मोबाइल रेडिएशन से इंसान की जान को खतरा होता है। ये हमारे दिमाग और दिल पर बुरा असर कर सकते हैं। लेकिन क्या ये सही है?
हाल ही में लोकसभा में टेलिकॉम मिनिस्टर रवि शंकर ने इस बात पर चर्चा करते हुए कहा कि, 'इस तरह के मुद्दे भारत में ही क्यों उठाए हाते हैं?' उन्होंने आगे कहा कि, यूएस से लेकर कोरिया हर जगह मोबाइल टावर का इस्तेमाल किया जाता है। मोबाइल टावर व मोबाइल से निकलने वाले रेडिएशन से इन्सान या किसी भी अन्य जीव को कोई हानि नहीं होती है।
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टेलिकॉम मिनिस्टर रवि शंकर प्रसाद ने लोकसभा में कहा कि इस बात का कोई साइंटिफिक प्रूफ नहीं है कि मोबाइल रेडिएशन या मोबाइल टावर रेडिएशन से इन्सान या किसी भी जीव के स्वास्थ्य को कोई नुकसान होता है।
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प्रसाद ने बताया कि वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन ने भी 20 साल की स्टडी के बाद यह बात कही है कि, मोबाइल रेडिएशन से कोई खतरा नहीं है।
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प्रसाद ने कहा कि अलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा गठित एक्सपर्ट्स की एक टीम ने साइंटिफिक स्टडी के बाद कहा है कि मोबाइल रेडिएशन का किसी के भी स्वास्थ्य पर बुरा असर नहीं पड़ता है।
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टेलिकॉम मिनिस्टर ने यह भी कहा कि, वह अक्सर कॉल ड्राप की शिकायतें सुनते हैं, यदि लोग चाहते हैं कि कॉल ड्राप जैसी परेशानियां न हों तो अपने इलाकों में मोबाइल टावर्स को लगने दें।
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प्रसाद का कहना है, कियूएस से लेकर कोरिया हर जगह काफी मात्र में मोबाइल टावर का प्रयोग किया जाता है।
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मंत्री का कहना था कि इस तरह के मुद्दे केवल भारत में ही उठाए जाते हैं।
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उन्होंने आगे बताया कि बीते दो वर्षों में देश भर में 24,000 मोबाइल टावर लगाए जा चुके हैं।
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जल्द ही 20,000 मोबाइल टावर और लगाए जाएंगे, जिससे कनेक्टिविटी बेहतर हो सके।


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