अब मिलेंगी सस्ती और टिकाऊ बैटरी मोबाइल के लिए

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    आज के समय में लगभग सभी गैजेट्स में बैटरी का उपयोग किया जाता है। चाहे स्मार्टफोन, लैपटॉप हो या इलेक्ट्रिक कार सभी आजकल बैटरी से चलते हैं। इसमें आजकल लिथियम आयन बैटरी का प्रयोग हो रहा है पर अब बैटरी निर्माण क्षेत्र में रिसर्च करने वालों ने बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए पाया है कि प्रायोगिक रूप से पोटेशियम आयन बैटरी बनाना संभव है जोकि लिथियम आयन बैटरी से सस्ती व अधिक टिकाऊ भी होगी।

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    यह रिसर्च इसीलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे ग्रेफाइट जैसे सस्ते एनोड की मदद से बैटरी के नए विकल्प मिलेंगे। लिथियम के मामले में बड़ी समस्या उसकी उपलब्धता की है। धरती पर वजन के अनुसार लिथियम की उपलब्धता मात्र 0.0017 प्रतिशत ही है जिससे कि यह महंगा पड़ता है वहीं इसकी अपेक्षा पोटेशियम 880 गुना अधिक है।

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    आपको बता दें कि सर्वप्रथम 1932 में संभावना जताई गई थी कि पोटेशियम आयन बैटरी बनाई जा सकती है पर उस समय इसे खारिज कर दिया गया था। अब शोधकर्ताओं का कहना है कि भविष्य में अधिक सरलता से उपलब्ध धातु प्रयोग करके कम लागत में उच्च क्षमता की बैटरी बनाई जा सकती है। जिउलेइ (सहायक प्रोफेसर, ओरेगॉन स्टेट यूनिवर्सिटी, अमेरिका) की माने तो कई दशकों से लोग ऐसा सोच रहे हैं कि पोटेशियम ग्रेफाइट या अन्य कार्बन एनोड के साथ काम नहीं कर सकता। ऐसा सोचना गलत है। आश्चर्यजनक है कि पिछले 83 साल में किसी ने भी इस दिशा में काम नहीं किया।

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    English summary
    Smartphones, Laptops all the things runs on battery these days. The People who research in the field of these batteries has got a big victory. They have found the way to make long running batteries in lessor expense.
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