अब नंबर पोर्ट कराने में लगेंगे सिर्फ दो दिन: TRAI
ट्राई यानि कि टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी में कुछ बदलाव किए हैं। मोबाइल पोर्टेबिलिटी कल मतलब अपने मोबाइल सिम नेटवर्क को बदलना होता है। आपने भी कभी अपने सिम का नेटवर्क बदलवाया होगा यानि कि मोबाइल पोर्टबिलिटी करवाई होगी। अब ट्राई ने मोबाइल पोर्टबिलिटी के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। आइए आपको नए नियमों के बारे में बताते हैं।

नंबर जल्दी हो जाएगा पोर्ट
अब मोबाइल यूजर्स को नंबर पोर्ट कराने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। अभी तक यूजर्स को अपना नंबर पोर्ट कराने में लगभग 7 दिन का समय लगता था लेकिन अब उतना समय नहीं लगेगा। समान सर्किल के अंदर नंबर पोर्ट कराने में दो दिन लगेंगे जबकि एक सर्किल से दूसरे सर्किल में नंबर पोर्ट कराने में चार दिन का वक्त लगेगा।
ट्राई ने यूपीसी कोड की वैधता भी कम कर दी है। यूपीसी यानि यूनिक पोर्टिंग कोड, जिसे पोर्ट करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। पहले इस कोड की वैधता 15 दिन की होती थी, लेकिन अब इसकी वैधता सिर्फ 4 दिन की ही होगी। 4 दिन के बाद यूजर्स को दोबारा यूपीसी कोड के लिए एप्लाई करना पड़ेगा। हालांकि जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर के राज्यों में यूपीसी की वैधता में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वहां की आंतरिक गतिविधियों के कारण यूपीसी की वैधता कम नहीं की गई है।
पोर्टिंग आवेदन खारिज करने पर लगेगा जुर्माना
इसके अलावा ट्राई ने एक अन्य नियम में कहा है कि अगर मोबाइल ऑपरेटर कंपनी गलत कारणों की वजह से पोर्टिंग के आवेदन को खारिज करती है तो उसे 10,000 रुपए तक का जुर्माना लग सकता है।
कॉरपोरेट पोर्टिंग
ट्राई ने कॉरपोरेट पोर्टिंग के मामले में भी एक नया नियम लागू किया है, जिससे कॉरपोरेट वालों को बड़ी सुविधा मिलेगी। पहले कॉरपोरेट पोर्टिंग के जरिए अधिकतम 50 नंबरों को ही पोर्ट कराया जा सकता था लेकिन अब ट्राई ने 100 नंबरों को पोर्ट कराने की अनुमित दे दी है। इसके लिए कॉरपोरेट को सिंगल अथॉराइजेशन लेटर का इस्तेमाल करना होगा।
लिहाजा इन 4 नए नियमों की वजह से आम लोगों को कुछ अतिरिक्त सुविधा जरूर मिलेगी। टेलिकॉम और गैजेट वर्ल्ड की सभी नई और ताजा ख़बरों को जानने के लिए हिंदी गिज़बोट के साथ जुड़े रहें।


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