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अब तो फेशिअल रिकॉग्निशन से भी होने लगा प्राइवेसी का खतरा

By Bhawna Gupta

आपके फेस के यूनिक फीचर्स से आपका आईफोन अनलॉक हो सकता है, आप बैंक एकाउंट एक्सेस कर सकते हैं, यहां तक कि कुछ गुड्स एंड सर्विसेज में 'स्माइल फ़ॉर पे' का ऑप्शन भी आ गया है। यह टेक्नोलॉजी फेस स्कैन से जनरेट होने वाले एल्गोरिदम का यूज़ करती है, जिससे पुलिस को भी भीड़ में खड़े वांटेड पर्सन को सर्च करने में आसानी होती है और इमेज को मैच करने में भी मदद करती है।

अब तो फेशिअल रिकॉग्निशन से भी होने लगा प्राइवेसी का खतरा

फेस लॉक भी सुरक्षित नहीं

फेस रिकॉग्निशन अमेरिका में और दुनिया भर में कानून प्रवर्तन, सीमा सुरक्षा और अन्य उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। जबकि ज्यादातर ऑब्ज़र्वर इस बॉयोमैट्रिक पहचान के कुछ यूजेज़ की योग्यता को स्वीकार करते हैं। हालांकि यह भी सही है कि फेस रिकॉग्निशन हमेशा एक्यूरेट नहीं होते। 2016 में जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन में पाया गया कि हर दूसरे अमेरिकी एडल्ट या 117 मिलियन लोग चेहरे की पहचान डेटाबेस में हैं। जिसे एक्सेस करने के लिए कुछ रूल्स भी बनाये गए हैं।

फेस लॉक से कैसा खतरा

महंगे और फ्लैगशिप फोन में ये फीचर ऑथेंटिक होता है लेकिन बजट और एंट्री लेवल स्मार्टफोन में ये फीचर फ्रंट कैमरा और एलगोरिदम पर बेस्ड होता है। सस्ते स्मार्टफोन में फेस रिकॉग्नाइजेशन तकनीक IR सेंसर और डॉट प्रोजेक्टर से लैस रेग्यूलर 2डी कैमरा पर आधारित होती है, जिसे चकमा दिया जा सकता है। ऐसे में कई बार सिर्फ तस्वीर या मास्क के जरिए भी फोन अनलॉक हो जाता है। कई एंड्रॉइड स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों ने कहा है कि फेस अनलॉकिंग फीचर, फिंगरप्रिंट और पासवर्ड की तुलना में ज्यादा असुरक्षित है। इसी वजह से सैमसंग, वनप्लस और शाओमी जैसी कंपनियां इस फीचर के साथ में एक डिस्क्लेमर भी देती हैं।

एग्गरेसिव डिप्लॉयमेंट

चीन में सबसे ज्यादा फेस रिकॉग्निशन टेक्नोलॉजी का यूज़ ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वालों और अपराधियों के खिलाफ किया जाता है। 2016 जॉर्जटाउन अध्ययन के मुख्य लेखक क्लेयर गार्वी ने कहा कि पिछले दो सालों में, अमेरिका में सीमा सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे समेत "अधिक व्यापक और आक्रामक तरीके से फेस रिकॉग्निशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है"। अमेजन ने भी पुलिस विभागों को अपने रिकॉग्निशन सॉफ्टवेयर को तैनात करना शुरू कर दिया है। अमेजन ने कहा कि यह निगरानी नहीं करता या कानून प्रवर्तन के लिए कोई डेटा नहीं देता, लेकिन बस उन्हें अपने डेटाबेस में आइडेंटिफाई करने में मदद करता है। टेक्नोलॉजी जायंट का दावा है कि इसकी चेहरे की पहचान प्रणाली खोये या अपहरण किए गए बच्चों को अपने परिवारों के साथ मिलाकर मदद कर सकती है और मानव तस्करी को रोक सकती है।

'स्लीपरी स्लोप'

कुछ लोगों का मानना है कि हर जगह फेस रिकॉग्निशन की टेक्नोलॉजी का यूज़ नही होना चाहिए क्योंकि इससे दुर्व्यवहार की घटनाएं बढ़ सकती हैं। फेस रिकॉग्निशन सॉफ्टवेयर डेवलपर कैरोस के संस्थापक ब्रैकिन ने टेकक्रंच पर एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, "चेहरे की पहचान सेवाओं के विकास के लिए एक सॉफ्टवेयर कंपनी के मुख्य कार्यकारी के रूप में, मेरे पास सांस्कृतिक और सामाजिक दोनों तरह से प्रौद्योगिकी के साथ व्यक्तिगत संबंध है।" "चेहरे की पहचान-संचालित सरकारी निगरानी सभी नागरिकों की गोपनीयता का एक असाधारण आक्रमण है - और हमारी पहचानों को पूरी तरह से नियंत्रित करने के लिए एक स्लीपरी स्लोप है।"

'पॉलिसी प्रश्न' माइक्रोसॉफ्ट ने पिछले महीने घोषणा की थी कि उसने "स्किन टोन" और जेंडर में चेहरे की पहचान के लिए महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। जबकि अधिक सटीक चेहरे की पहचान का आम तौर पर स्वागत किया जाता है, सिविल लिबर्टीज़ ग्रुप्स का कहना है कि विशिष्ट नीति सुरक्षा उपाय होना चाहिए। 2015 में, फेस रिकॉग्निशन के उपयोग के मानकों को डेवेलप करने के लिए कई कंज्यूमर ग्रुप्स को सरकारी-निजी पहल से बाहर कर दिया गया था, दावा करते हुए कि प्रक्रिया पर्याप्त गोपनीयता सुरक्षा विकसित करने की संभावना नहीं थी।

 
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English summary
Face Recognition is being done in America and around the world for law enforcement, border security and other purposes. While most observers accept the qualifications of some of these biometric identities. However it is also true that face recognition is not always precise.
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