अब हार्ट अटैक आने से पहले मिलेगी वॉर्निंग, डेवलपिंग फेज में नया AI मॉडल
Artificial Intelligent (AI) का इस्तेमाल लगातार बढ़ता जा रहा है। इस टेक्नोलॉजी का यूज हर क्षेत्र में फिर चाहे वह एजुकेशन फील्ड हो, राइटिंग फील्ड हो, एंटरटेनमेंट फील्ड हो या कोई अन्य सभी में देखने को मिल रहा है, मेडिकल फील्ड भी इससे जुड़ चुकी है। हाल ही में रिसर्च ने एक ऐसा AI मॉडल डेवलप किया है, जो कि अचानक हार्ट बीट और कार्डियक एरिथमिया के आने से 30 मिनट पहले ही उसके बारे में सारी जानकारी दे देगा। रिसर्चर का कहना है कि यह AI मॉडल 80% तक सही प्रडिक्शन कर सकता है।
Luxembourg यूनिवर्सिटी के रिसर्चर का कहना है कि यह AI मॉडल ऐसी कोई भी स्थिति उत्पन्न होने से पहले ही आपको अलर्ट कर देगा, जिससे हार्ट पेसेंट को उनकी हार्ट बीट को स्थिर रखने के लिए इलाज का मौका मिल सके। आपको बता दें कि यह रिसर्च जर्नल पैटर्न्स में पब्लिश हुई है। इस खास तरह के AI मॉडल को डेवलप करने के लिए रिसर्च टीम ने इसे चीन के वुहान शहर के टोंगजी हॉस्पीटल में 350 पेसेंट्स से इकट्ठा की गई 24 घंटे की रिकॉर्डिंग पर ट्रेन किया है, जिसे रिसर्चर्स ने वार्निंग ऑफ एट्रियल फाइब्रिलेशनएन (WARN) नाम दिया है।

यह AI मॉडल डीप लर्निंग पर बेस्ड एक तरह की मशीन लर्निंग AI एल्गोरिदम है, जो कि भविष्य के बारे में प्रडिक्शन देने के लिए पिछले डेटा से पैटर्न सीखता है। उन्होंने कहा है कि WARN एट्रियल फाइब्रिलेशनएन (एक ऐसी बीमारी है, जहां दिल की धड़कन अनियमित और अक्सर बहुत फास्ट होती है) की शुरुआत होने से औसतन 30 मिनट पहले ही वॉर्निंग दे देगा, ताकि आप अलर्ट हो सके। रिसर्चर्स ने बताया है कि उन्होंने इस AI मॉडल को डेवलप करने के लिए हार्ट स्पीड डेटा का यूज किया है, जो कि कई फेज में इसकी पहचान कर सकता है।
रिसर्च में शामिल Luxembourg यूनिवर्सिटी के जॉज गोंकाल्वेस ने कहा है कि यह मॉडल भविष्यय में आने वाले खतरे का संकेत देता है, जिससे पेसेंट को इलाज के लिए समय मिल जाता है। जॉज गोंकाल्वेस ने आगे कहा कि जब एट्रियल फाइब्रिलेशनएन के करीब जाता है, तो ये वार्निंग देना शुरू कर देता है। रिसर्चर का यह भी कहना है कि कम कम्प्यूटेशनल कॉस्ट होने की वजह से AI मॉडल पहनने के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है, इसका उपयोग पेसेंट डेली भी कर सकते हैं।


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