Omar Khayyam को 971वें जन्मदिन पर गूगल ने किया याद, जानिए इनका इतिहास
गूगल समय समय पर किसी ना किसी पॉप्युलर इवेंट या व्यक्ति को डूडल के जरिए श्रद्धांजलि देता आया है। आज यानी 18 मई को भी गूगल ने कुछ ऐसा ही किया है। आज गूगल ने अपने डूडल को फारसी गणितज्ञ, कवि, साहित्यकार और ज्योतिर्विद Omar Khayyam को समर्पित किया है। बता दें, Omar Khayyam ने एक नए कैलेंडर का आविष्कार किया था। आज उनका 971वां जन्मदिन है इसलिए गूगल ने आज डूडल उनके नाम किया है।

Omar Khayyam का जीवन
Omar Khayyam की बात करें तो उनका जन्म उत्तर-पूर्वी फारस के निशापुर में हुआ था। बड़े होकर उन्होंने इस्लामिक ज्योतिष को एक नई पहचान दी। बता दें, Omar Khayyam ने समय देखने का एक नया तरीका भी दुनिया के सामने पेश किया, जिसे तारीख मलिकशाही, जलाली संवत या सेल्जुक संवत भी कहा जाता है।
Omar Khayyam को गणित काफी ज्यादा पसंद थी, जिसके चलते Omar ने Geometric Algebra की शुरुआत भी की थी। इसी के साथ उन्होंने khayyam's Theory (Khayyam के सिद्धांत) के तहत हाइपरबोला और सर्किल जैसी Geometric कंपोजिशन की मदद से क्यूबिक इक्वेशंस को भी हल करके दिखाया था। इसके अलावा Omar Khayyam को अंतरिक्ष और ज्योतिष में भी रुचि थी। उन्होंने लाइट ईयर की दूरी दशमलव के छह बिंदुओं तक का भी पता लगाया था।
ऐसे ही उन्होंने एक नए कैलेंडर का आविष्कार किया, जिसे जलाली कैलेंडर के तौर पर लागू किया गया था। Khayyam ने खुरासन में मलिक शाह के सलाहकार और ज्योतिषी के तौर पर भी काम किया। Omar Khayyam को कविताओं या चार पंक्ति वाली खास कविताएं लिखने का भी काफी शौक था। बता दें, 1859 में अंग्रेजी कवि एडवर्ड फिज्जेराल्ड ने Omar द्वारा लिखी गई कविता का अंग्रेजी अनुवाद भी किया था।


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