अब ट्यूशन नहीं ई-ट्यूशन का जमाना है

Written By:

जो बच्चे अपने घर पर अपनी सुविधा वाले समय में पढ़ना पसंद करते हैं, उनके बीच ई-ट्यूशन तेजी से लोकप्रिय होता जा रहा है। फ्यूटर, मेरिटनेशन और एक्स्ट्रामार्क्‍स जैसे वेबसाइट बच्चों को आज माउसक्लिक पर अपने घर में ही पढ़ने की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं।

फ्यूटर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनीष चतुर्वेदी के अनुसार स्कूलों में अध्यापन अलग-अलग बच्चों की जरूरत के मुताबिक नहीं होती। बच्चे की क्षमता को ध्यान में रखे बिना एक ही बातें दोहराई जाती है। कई बार बच्चा कोई अवधारणा समझ नहीं पाता और उसकी इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। इसके बावजूद दोषी बच्चों को माना जाता है। चतुर्वेदी ने कहा कि

फ्यूटर इन कमियों को दूर करने के लिए बच्चों को अभ्यास करने के लिए ऑनलाइन मंच और खेल आधारित शिक्षण सुविधा उपलब्ध कराती है। यह गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान में कोचिंग उपलब्ध कराती है। अगले साल फ्यूटर अंग्रेजी को भी शामिल करना चाह रही है।

अब ट्यूशन नहीं ई-ट्यूशन का जमाना है

चतुर्वेदी ने कहा, हम प्रतिमाह 1,500-1,800 रुपये में 10-12 कक्षा उपलब्ध कराते हैं। मेरिटनेशन डॉट कॉम के सह-संस्थापक और प्रबंध निदेशक पवन चौहान ने कहा कि ऑनलाइन ट्यूशन अब छोटे शहर के बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है।

उन्होंने कहा कि मेरिटनेशन पर सामग्री का एक बड़ा हिस्सा मुफ्त उपलब्ध है। इस पर आईआईटी जेईई जैसी प्रवेश परीक्षा के लिए सामग्री ढाई से 10 हजार रुपये सालाना की दर से उपलब्ध है। ऑनलाइन ट्यूशन के बारे में शिक्षकों की अलग-अलग राय है। कुछ इसे कारगर तो कुछ उतने कारगर नहीं मानते हैं। एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका मंजू भट्टाचार्य के मुताबिक, "कभी-कभी अकेले पढ़ना उबाऊ हो सकता है, फिर भी ऑनलाइन शिक्षण सामग्री इंटेरेक्टिव होती है और इसे दिलचस्प तरीके से

पेश किया जाता है, जो बच्चों को अच्छा लगता है और वे अधिक से अधिक पढ़ना चाहते हैं। उधर दक्षिण पश्चिम दिल्ली में जएश ट्यूटोरियल्स के शिक्षक सुमीत कुमार ने कहा कि अकेले पढ़ना अधिक लाभदायी नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा, "मैं ऐसी कक्षा के पक्ष में नहीं हूं, जहां छात्रों की एक विशाल संख्या को शिक्षक माइक्रोफोन के सहारे पढ़ाते हैं। लेकिन मैं यह भी नहीं मानता

कि छात्र को अकेले पढ़ाने से वह अधिक सीखता है। कुमार ने कहा, "समूह में पढ़ाने से एक छात्र दूसरे छात्र द्वारा पूछे जाने वाले सवालों से भी सीखता है। छात्रों के एक आदर्श समूह में छह से आठ तक छात्र होने चाहिएं।"

Read more about:
Please Wait while comments are loading...
मैदान पर लौटते ही बांग्लादेश पर टूटा डिविलियर्स का कहर, 'दोहरा शतक' लगाकर बनाए कई रिकॉर्ड
मैदान पर लौटते ही बांग्लादेश पर टूटा डिविलियर्स का कहर, 'दोहरा शतक' लगाकर बनाए कई रिकॉर्ड
प्रकाश राज के बाद एक और बड़े अभिनेता ने पीएम मोदी पर बोला हमला, कहा- नोटबंदी की गलती करें स्वीकार
प्रकाश राज के बाद एक और बड़े अभिनेता ने पीएम मोदी पर बोला हमला, कहा- नोटबंदी की गलती करें स्वीकार
Opinion Poll

Social Counting