क्या है Loitering Munition? ऑपरेशन सिंदूर के जरिए लिया पहलगाम का बदला
Operation Sindoor: बीती रात (यानी 6-7 मई) को भारत ने पहलगाम का बदला लेते हुए पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (पीओजेके) में स्थित नौ आतंकी कैंप पर हमला कर दिया। इस हमले को ऑपरेशन सिंदूर के तहत अंजाम दिया गया। इस हमले के लिए भारत के सशस्त्र बलों ने 'लोइटरिंग म्यूनिशन' (LMS) का उपयोग करके एक अच्छी तरह से प्लान स्ट्राइक ऑपरेशन शुरू किया। बता दें कि ये हमले 7 मई की सुबह 1:05 से 1:35 के बीच किए गए थे।
ये कदम भारतीय सैन्य बल के साथ-साथ भारतीय जनता के लिए बहुत जरूरी था। हालांकि इसके लिए जिस तकनीक का इस्तेमाल किया गया, उससे सेना को अपने टारगेट को हिट करने और बिना किसी कोलेट्रल डैमेज के अपने काम को पूरा करने में मदद मिली। आइए जानते हैं कि ये 'लोइटरिंग म्यूनिशन' क्या है।

पहलगाम का लिया बदला
ये टारगेट हमले भारत से रियल टाइम इंटेलीजेंस का उपयोग करके किए गए थे, ताकि पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर को नष्ट किया जा सके। जैसा कि हम जानते हैं कि इस हमले में 26 भारतीय पर्यटकों की जान चली गई थी। हालांकि, दृढ़, हमलों को 'नॉन-एस्केलेटरी' कहा गया था।
आइए जानते हैं कि ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल की गई एलएमएस तकनीक क्या है और 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए इसका उपयोग कैसे किया गया।
क्या है लोइटरिंग म्यूनिशन?
लोइटरिंग म्यूनिशन (LM), जिसे अक्सर 'कामिकेज ड्रोन' कहा जाता है, स्मार्ट हथियार हैं जो एक विशिष्ट क्षेत्र पर मंडराते हैं और लक्ष्य के सामने आने की प्रतीक्षा करते हैं। एक बार जब टारगेट सामने आता है, तो वे आगे बढ़ते हैं और पूरी सटीकता के साथ अपने टारगेट को नष्ट कर देते हैं।
वे ड्रोन की सर्विलांस कैपेसिटी को मिसाइलों की फायर पावर के साथ जोड़ते हैं। बता दें कि ये स्वायत्त (Autonomously) रूप से काम कर सकते हैं या उन्हें रियल टाइम में ऑपरेटर्स कंट्रोल करते हैं।
सेना के लिए कैसे काम आई ये टेक्नोलॉजी
- इसकी मदद से कोलैट्रल डैमेज से बचा जा सकता है।
- मोबाइल या टाइम सेंसिटिव खतरों को लक्षित किया गया।
- सैनिकों के जीवन को जोखिम में डाले बिना काम हुआ।
- ऑपरेशन सिंदूर में एलएमएस टेक्नोलॉजी सिस्टम के उपयोग से भारत स्वदेशी और एडवांस तकनीक पर बढ़ती निर्भरता को दर्शाता है, जिसका उपयोग महत्वपूर्ण स्थितियों में किया जा रहा है।
क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
22 अप्रैल (2025) को पहलगाम आतंकी हमले के बाद, जिसमें 25 भारतीय नागरिक और एक नेपाली नागरिक मारे गए, भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया।
- इसमें पाकिस्तान और पीओजेके में 9 आतंकी लॉन्चपैड पर हमला किया गया।
- इसके टारगेट में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के नेता के ठिकाने शामिल थे।
- सभी हमले भारतीय क्षेत्र के भीतर से किए गए।
- खुफिया एजेंसियों ने सटीक कोऑर्डिनेट दिए।
- किसी भी पाकिस्तानी सैन्य सुविधा को निशाना नहीं बनाया गया।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
भारत की लक्षित और गैर-उकसाने वाली कार्रवाई के बावजूद, पाकिस्तान ने जम्मू और कश्मीर के भीमबर गली क्षेत्र में तोपखाने से गोलीबारी करके जवाबी कार्रवाई की। भारतीय सेना ने अपने क्षेत्र की रक्षा करते हुए कंट्रोल बनाए रखते हुए संतुलित और उचित तरीके से जवाब दिया।


Click it and Unblock the Notifications








