Tariff Hike पर अपोजिशन ने उठाए सरकार पर सवाल, वृद्धि को वापस लेने की उठाई मांग
3 जुलाई से Reliance Jio ने अपने सभी प्लान्स को महंगा कर दिया है। जियो के बाद Airtel और Vodafone Idea ने भी अपने प्लान्स में वृद्धि की है। ये प्लान्स बढ़ने के बाद आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में इन प्लान्स के बढ़ने से कंपनियों के साथ सरकार पर भी सवाल खड़े होना शुरू हो गए हैं।
अपोजिशन ने प्राइवेट मोबाइल को एकतरफा टैरिफ बढ़ाने की अनुमति देने पर सरकार पर सवाल उठाएं हैं। कांग्रेस ने सरकार से पूछा है कि जब प्राइवेट मोबाइल ऑपरेटर्स ने अपने इकॉनोमिक पैरामीटर्स के अलग होने के बाद भी 15-16% की समान सीमा तक टैरिफ बढ़ाया है, तो इस पर सरकार ने अपनी आंखे क्यों बंद कर ली हैं।

बता दें कि CPI (M) सर्मथित CTU ने टेलीकॉम मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर Tariff Hike को वापस लेने की मांग की है। अपोजिशन का कहना है कि यह वृद्धि आम लोगों को नुकसान पहुंचाएगी और यह वृद्धि पूरी तरह से अनुचित है।
BSNL को समान अवसर ना देने का लगा आरोप
CTU ने सरकार पर पब्लिक सर्विस प्रोवाइडर BSNL को 3G, 4G और 5G सर्विसेज में अपग्रेड करने की इजाजत न देकर समान अवसर प्रदान ना करने का भी आरोप भी लगाया है। CTU के जनरल सेकेटरी रणदीप सुरजेवाला ने एक इंटरव्यू के दौरान यह कहा है कि 109 करोड़ उपभोक्ताओं वाली Reliance Jio, Airtel और Vodafone Idea ने अपने टैरिफ में लगभग 15% की बढ़ोत्तरी की है। इसमें आम लोगों द्वारा किया जाने वाला भुगतान अतिरिक्त वार्षिक भुगतान का लगभग 34,824 करोड़ रुपये होगा।
उन्होंने अपनी बात जारी रखते हुए आगे कहा है कि अप्रैल में आई TRAI रिपोर्ट के मुताबिक, मोबाइल यूजर्स के लिए पर-मंथ पर-सब्सक्राइबर एवरेज रेवेन्यू 152.55 रुपये हैं। इस वजह से तीनों ऑपरेटरों ने पिछले 2 दिनों में अपने टैरिफ में वृद्धि दर्ज की है।
रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि दो बाते बिल्कुल साफ है, पहली यह है कि टैरिफ में वृद्धि की घोषणा की तारीख तीनों कंपनियों द्वारा एक-दूसरे के आपस में सलाह से स्पष्ट रूप से तय की गई है। वहीं दूसरी बात यह है कि बढ़ाए गए टैरिफ प्लान की लागू करने की तारीख भी तीनों कंपनियों की समान है। इससे यही पता चलता है कि सब कुछ पहले से ही तय था।
सुरजेवाला ने नरेंद्र मोदी पर उठाए सवाल
सुरजेवाला का कहना है कि Reliance Jio के लिए Average Tariff Hike 152.55 रुपये में से 20% या 30.51 रुपये है। वहीं अगर देखा जाए तो यह 48 करोड़ ग्राहकों के लिए 1,464 करोड़ रुपये प्रति माह या 17,568 करोड़ रुपये प्रति वर्ष की वृद्धि को दर्शाता है।
TRAI और सरकार पर जिम्मेदारी से भागने का आरोप लगाते हुए सुरजेवाला ने पूछा है कि क्या संसद चुनाव समाप्त होने तक मोबाइल टैरिफ में वृद्धि को रोका नहीं गया था, क्या ये बात मोदी सरकार से 109 करोड़ सेलफोन यूजर्स का बोझ उठाने और उनसे 34,824 करोड़ रुपये की अतिरिक्त ठगी के औचित्य पर सवाल नहीं खड़ा करती है।
Supreme Court के निर्देश का दिया हवाला
उन्होंने अपनी बात में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का हवाला देते हुए कहा कि सरकार और TRAI को 'सोते हुए ट्रस्टी की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए', बल्कि 'एक सार्वजनिक भलाई के लिए सक्रिय यानी की एक्टिव ट्रस्टी के रूप में करना चाहिए'।
उन्होंने मोदी सरकार से पूछा कि क्या अब सरकार ने जनता के भरोसे की बली चढ़ा दी है। ज्योतिरादित्य सिंधिया को लिखे पत्र में CITU जनरल सेक्रेटरी ने Reliance Jio और Airtel द्वारा टैरिफ हाइक की घोषणा का भी हवाला दिया।
सेन का कहना है कि Reliance Jio ने 20,0606 करोड़ रुपये और Airtel ने 7,467 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया है। इसलिए कंपनियों का कहना है कि टैरिफ हाइक का लक्ष्य ऐवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) को बढ़ाना है। ऐसे में उन्होंने सरकार से मांग की है कि Tariff Hike आम लोगों को नुकसान पहुंचाएगी और यह पूरी तरह से अनुचित है। इसे वापस लिया जाना चाहिए, इसी में आम जनता की भलाई है।


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