PAN 2.0 Scam: अपग्रेड के नाम पर कैसे लोगों को लूट रहे स्कैमर्स; जानें कैसे रहे सेफ?
समय के साथ सरकार ज्यादातर सरकारी सुविधाओं को डिजिटल इंडिया के तहत डिजिटलाइज किया गया है। ऐसे में जहां एक तरफ डिजिटल इंडिया की तरक्की हुई है,वहीं दूसरी तरफ डिजिटल ठगी के मामले भी उतनी ही तेजी से बढ़ रहे हैं। अभी हाल ही में एक नया फिशिंग स्कैम सामने आया है, जो लोगों को 'PAN 2.0 कार्ड' का झांसा देकर उनकी पर्सनल और फाइनेंशियल डिटेल्स चुरा रहा है।
इस स्कैम एक खास पहलू है, जो अब तक चर्चा में नहीं आया, वो 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्कैम पेज डिजाइन' है। इस स्टोरी में हम जानेंगे कि कैसे अब स्कैमर्स एआई तकनीक का उपयोग करके लोगों को असली और नकली में फर्क करने से भी रोक रहे हैं।

क्या है PAN 2.0 स्कैम?
प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अलर्ट जारी किया है कि कुछ फेक ईमेल्स के जरिए लोगों को यह कहा जा रहा है कि उनका PAN कार्ड अब 'PAN 2.0' में अपग्रेड किया जा सकता है। इन मेल्स में 'Get Your PAN 2.0 Card Now' लिखा होता है और साथ में एक लिंक होता है जिस पर क्लिक कर यूजर को 'अपना नया पैन कार्ड' डाउनलोड करने का झांसा दिया जाता है।
असली जैसी दिखने वाली फेक वेबसाइट
पहले जहां फिशिंग साइट्स में कई बार टाइपो या बेसिक डिजाइन एरर होते थे, वहीं अब स्कैमर्स AI की मदद से ऐसे फेक वेबपेज तैयार कर रहे हैं जो असली सरकारी वेबसाइट से लगभग मेल खाते हैं। ये पेज इस हद तक परफेक्ट होते हैं कि आम यूजर को धोखा खाने में सिर्फ कुछ सेकंड लगते हैं।
AI टूल्स से वेबसाइट का लेआउट, कलर स्कीम, फॉन्ट स्टाइल और यहां तक कि सरकारी लोगो तक हूबहू कॉपी कर लिया जाता है। एक बार जब यूजर अपनी पर्सनल डिटेल्स जैसे PAN नंबर, आधार नंबर, बैंक अकाउंट या OTP जैसी जानकारी दर्ज करता है, तब ये डेटा स्कैमर के सर्वर पर ट्रांसफर हो जाता है।
ईमेल एड्रेस और डोमेन का माइक्रो फ्रॉड
स्कैमर्स अब ईमेल एड्रेस और डोमेन में छोटे बदलाव कर रहे हैं जिन्हें एक नजर में पकड़ पाना मुश्किल होता है। जैसे [email protected] ये किसी सरकारी वेबसाइट जैसा तो नहीं दिखता, लेकिन अगर इसमें 'gov.in' जैसा कुछ जोड़ दिया जाए, तो आम यूज़र भ्रमित हो सकता है।
किन लोगों को बनाया जा रहा है टारगेट?
गौर करने वाली बात ये है कि ऐसे स्कैम सबसे ज्यादा उन लोगों को टारगेट कर रहे हैं जो रिटर्न फाइलिंग या सरकारी योजनाओं में नए हैं। खासकर छात्र, वरिष्ठ नागरिक, और हाल ही में डिजिटल ट्रांजैक्शन से जुड़ने वाले लोग इस जाल में जल्दी फंसते हैं।
ऐसे AI-सक्षम स्कैम से कैसे बचें?
- ईमेल का सोर्स जांचें और कभी भी अनजान ईमेल से मिले लिंक पर क्लिक न करें।
- वेबसाइट URL को बारीकी से पढ़ें। एक छोटा सा अक्षर या सिंबल स्कैम और असली साइट में फर्क ला सकता है।
- सरकारी अपडेट सिर्फ ऑफिशियल पोर्टल पर देखें।
- इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, UIDAI या अन्य सरकारी पोर्टल पर जाकर ही किसी भी अपडेट को वेरिफाई करें।
- AI आधारित ब्राउजर प्रोटेक्शन का प्रयोग करें।
- अब ऐसे टूल्स आ गए हैं जो संदिग्ध वेबसाइट्स को ब्लॉक कर सकते हैं।
जहां एक ओर सरकार डिजिटल इंडिया को मजबूत बनाने में लगी है, वहीं दूसरी ओर स्कैमर्स AI और टेक्नोलॉजी को एक नया रूप देकर यूज़र्स की सुरक्षा को चुनौती दे रहे हैं। ऐसे में अब सिर्फ साइबर सेफ्टी टिप्स काफी नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी की समझ और सतर्कता भी जरूरी है।


Click it and Unblock the Notifications








