इन टेक्नीक से स्ट्रॉन्ग पासवर्ड क्रैक करते हैं हैकर्स

By Arunima Mishra

    दुनिया भर में लोग ऑथेन्टिकेशन के लिए पासवर्ड का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उनका किसी भी तरह का निजी डेटा सुरक्षित रहे। कंप्यूटर सिस्टम, बैंक खाते, और एटीएम, हर जगह पर उपभोगता नाम और पासवर्ड का उपयोग करते हैं।

    हैकर्स और फोरेंसिक एक्सपर्ट के लिए पासवर्ड को क्रैक करना बहुत जरुरी होता है , जिसे वे किसी भी संदिग्ध सिस्टम, हार्ड ड्राइव, ईमेल अकाउंट, आदि तक पहुंच सके।

    हालांकि इसमें कुछ पासवर्ड बहुत आसान होते हैं तो, कुछ बहुत कठिन हैं। ऐसे में हैकर या फॉरेंसिक एक्सपर्ट को अधिक कंप्यूटिंग संसाधनों जैसे एक बोनेट, सुपर कंप्यूटर, जीपीयू, एएसआईसी, आदि की जरुरत पड़ती है।

    इन टेक्नीक से स्ट्रॉन्ग पासवर्ड क्रैक करते हैं हैकर्स

    ऐसी कुछ और ट्रिक्स होती हैं जिनसे आप किसी का भी पासवर्ड पता लगा सकते हैं। आज इस आर्टिकल हम इसी की चर्चा करेंगे।

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    1 डिक्शनेरी अटैक

    डिक्शनेरी अटैक सबसे आसान और सबसे तेज पासवर्ड क्रैकिंग तरीका है। इसे हैकर आसानी से रखे गए पासवर्ड का पता लगा सकता है। इसमें डिक्शनेरी होती है जिसमें कुछ ऐसे आसान शब्द होते हैं जो लोग अक्सर अपने पासवर्ड के रूप में इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अगर आप ने थोड़ा सा भी कठिन पासवर्ड बनाया है तो हैकर इस तरीके के पासवर्ड क्रैक नहीं कर पायेगा।

    2 ब्रूट फोर्स अटैक

    इस तकनीक से हैकर्स हर तरह के कॉम्बिनेशन का पासवर्ड हैक कर लेते है। यह पासवर्ड हैक करने की बेस्ट तकनीक है। इसमें पासवर्ड को क्रैक करने के लिए हर तरह के कॉम्बिनेशन को ट्राई किया जाता है, लेकिन आजकल के बहुत स्ट्रांग पासवर्ड क्रैक करने में इससे थोड़ी परेशानी होती है।

    3 फिशिंग

    यह तकनीक यूजर को इतना गुमराह कर देती है कि वह खुद अपना पासवर्ड बता देता है। बस उनसे पासवर्ड पूछने का तरीका थोड़ा अलग होता है जैसे- यूजर्स से फेक ईमेल या फेक एप्स के द्वारा उनका पासवर्ड पूछा जाता है और बहुत से यूजर्स इस जाल में फंस भी जाते है।

    4 ट्रोजन्स, वायरस, और अन्य मैलवेयर

    हैकर्स अक्सर ऐसे प्रोग्राम बनाते है जिनसे आपकी मशीन और उसके नेटवर्क को हैक कर लिया जाए और फिर सारी जानकारी का इस्तेमाल गलत कामों के लिए किया जाता है। इन्हीं प्रोग्राम्स की तकनीक को ट्रोजन्स और वायरस अटैक कहा जाता है।

    5 शोल्डर सर्फिंग

    शोल्डर सर्फिंग में यूजर की प्राइवेट इनफॉर्मेशन को इलेक्ट्रोनिक तरीके से चुराया जाता है जैसे- आपका निजी आइडेंटिटीफिकेशन नंबर और एटीएम का पासवर्ड।

    6 पोर्ट स्कैन अटैक

    इस तकनीक में किसी दिए गए सर्वर की कमज़ोरी ढूढ़ी जाती है। यह ज्यादातर वहां इस्तेमाल होता हैं जहाँ सिक्योरिटी में वल्नरबिलिटी यानी हलकी सी भी लापरवाहीं हुई हैं। बस पोर्ट स्कैन अटैक एक मैसेज भेजता हैं और उनके रिस्पांस का इंतज़ार करता है।

    7 रेनबो टेबल अटैक

    रेनबो टेबल अटैक में एक लार्ज डिक्शनरी होती हैं जिसमें कई सारे प्रे कॅल्क्युलेटेड पासवर्ड और हैश होते हैं। इसमें रेनबो और अन्य डिक्शनेरी अटैक में यही सबसे बड़ा फर्क है कि रेनबो टेबल में पासवर्ड और हैश होते हैं जिससे आप किसी के पासवर्ड को क्रैक कर सके।

    8 ऑफ़लाइन क्रैकिंग

    जितनी भी पासवर्ड हैकिंग होती है वह सब ऑफलाइन की जाती है। इसमें हैकर पासवर्ड को हैक करने के लिए एक से ज्यादा बार तरय करता है जिससे पासवर्ड आसानी से क्रैक किया जा सकता है। इसमें डिक्शनरी अटैक और रेनबो टेबल अटैक दोनों तरह से पासवर्ड क्रैक करने की कोशिश की जाती है।

    9 सोशल इंजीनियरिंग

    सोशल इंजीनियरिंग मतलब अपने दिमाक का उपयोग करके इन्सान की साइकोलॉजीकल स्पेक्ट को कब्जे में कर लेंना या धोका धडी करके अपना काम निकाल लेना मतलब की अपने बिछाए हुए जाल में फसा लेना। यह तकनीक ज्यादा तर फेसबुक अकाउंट को हैक करने में लगती हैं।

    10 गेस (अनुमान)

    इसमें हैकर पासवर्ड को गेस करता है या अनुमान लगता है जिससे वह दूसरे का पासवर्ड क्रैक कर सकें। लेकिन यह इतना आसान नहीं है, क्योंकि आज के समय में इस तकनीक से ज्यादातर अकाउंट हैक नहीं किये जा सकते हैं।


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    English summary
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