बदल गया Paytm E-Commerce का नाम, अब इससे पहचानी जाएगी कंपनी
Paytm E-commerce Renamed: Paytm ने अपना नाम बदलकर पाई प्लेटफॉर्म्स (Pai Platforms) कर लिया है। इसके साथ ही कंपनी ने ऑनलाइन खुदरा कारोबार में अपनी हिस्सेदारी को बढ़ाने के लिए बिट्सिला का अधिग्रहण किया है।
आपको बता दें, बिट्सिला ओएनडीसी पर एक विक्रेता प्लेटफॉर्म है। जानकारी के अनुसार कंपनी ने तीन महीने पहले ही नाम बदलने के लिए आवेदन किया था। जिसके लिए कंपनी ने 8 फरवरी को रजिस्ट्रार से मंजूरी मिली है।

आपको बता दें, एलिवेशन कैपिटल पेटीएम ई-कॉमर्स में सबसे बड़ा शेयर धारक है। इसको पेटीएम के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) विजय शेखर शर्मा, साफ्टबैंक और ईबे का भी समर्थन मिला हुआ है।
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने 2020 में लॉन्च हुए इनोबिट्स सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (Bitsila) का अधिग्रहण कर लिया है। बता दें, यह फुल-स्टैक ओमनीचैनल और हाइपरलोकल कॉमर्स क्षमता के साथ ओएनडीसी सेलर प्लेटफॉर्म के तौर पर अभी काम कर रहा है।

अभी हाल ही में रिजर्व बैंक ने पेटीएम पर बैन लगा दिया है। गौरतलब है कि, पेटीएम पेमेंट्स बैंक को RBI ने नए यूजर्स जोड़ने और क्रेडिट बिजनेस पर रोक लगा दी है। जिसका सीधा असर पेटीएम के शेयर्स पर देखने को मिला है।
Paytm के शेयर्स में भारी गिरावट- आरबीआई के बैन के बाद ही पेटीएम ब्रांड का मालिकाना हक रखने वाली वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड के शेयर्स दो दिनों में ही धड़ाम हो गए। पिछले दो दिनों में इनके शेयर में 15 प्रतिशत से ज्यादा तक की गिरावट दर्ज की गई।

माना जा रहा है कि, इस प्रपोजल डील से पेटीएम को ई-कॉमर्स बिजनेस बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा पेटीएम ONDC पर भी अपनी सेवाएं दे रहा है। बता दें, पिछले दो साल यानि कि, 2022 से पेटीएम ओएनडीसी पर एक्टिव है। पेटीएम सरकारी ई-कॉमर्स प्लेटॉर्म पर अपने APP को इंटीग्रेट करने वाली शुरुआती बड़ी कंपनियों की लिस्ट में भी शामिल है।
जानें RBI गवर्नर ने क्या कहा है?- भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बीते गुरूवार कहा था कि, पेटीएम पर कार्रवाई 'अनुपालन की कमी' के कारण की गई है। वहीं सूत्रों की मानें तो आरबीआई के आदेश के बाद पेटीएम पेमेंट्स बैंक की स्वतंत्र निदेशक मंजू अग्रवाल ने निदेशक मंडल से इस्तीफा दे दिया है।


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