Perplexity ने भारत में लॉन्च किया Comet AI ब्राउजर, Chrome से कैसे अलग?
भारत का डिजिटल मार्केट तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों का नया युद्धक्षेत्र बनता जा रहा है। इसी बीच Perplexity AI ने भारत में अपना नया Comet AI ब्राउजर लॉन्च कर दिया है। कंपनी का दावा है कि यह ब्राउजर सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे वर्कफ्लो को मैनेज करेगा। यह गूगल के क्रोम ब्राउजर से कैसे अलग है। यहां सब बताने वाले हैं।

क्या है खास?
Comet एक Chromium-बेस्ड ब्राउजर है, जिसे कंपनी "Browsing to Thinking" की दिशा में अगला कदम बता रही है। इसमें एक AI-साइडबार मौजूद है, जो हमेशा एक्टिव रहता है। इसकी मदद से यूजर्स न केवल सर्च कर पाएंगे बल्कि
- प्रोडक्ट प्राइस कंपेयर,
- मीटिंग बुक,
- ईमेल ड्राफ्ट और सेंड,
ट्रांजैक्शन कंप्लीट जैसे मल्टी-स्टेप टास्क भी ऑटोमैटिकली पूरे कर सकेंगे। इसके अलावा यह ब्राउजर डॉक्यूमेंट्स का सारांश निकालने, प्रोजेक्ट्स ट्रैक करने और टैब्स के बीच टास्क कंटिन्यूटी बनाए रखने में भी सक्षम है।
कहां होगा उपलब्ध?
फिलहाल यह ब्राउजर Windows और macOS पर उपलब्ध है। Android प्री-ऑर्डर शुरू हो चुके हैं। iOS वर्जन जल्द आने वाला है।
सिर्फ Pro सब्सक्राइबर्स के लिए
Comet ब्राउजर का एक्सेस फिलहाल केवल Perplexity Pro सब्सक्राइबर्स को ही मिलेगा। कंपनी ने भारत को लॉन्चिंग के लिए पहली मार्केट चुना है, जिससे साफ है कि वह यहां बड़े स्तर पर दांव लगाने जा रही है।
Airtel से साझेदारी
यूजर बेस बढ़ाने के लिए Perplexity ने भारती एयरटेल के साथ साझेदारी की है। इस डील के तहत लाखों एयरटेल ग्राहकों को एक साल तक Perplexity Pro का फ्री एक्सेस मिलेगा।
प्राइवेसी पर जोर
कंपनी का दावा है कि Comet ब्राउजर में ब्राउजिंग हिस्ट्री और AI इंटरैक्शन लोकली स्टोर होते हैं और इन्हें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित किया गया है। यह ब्राउजर पासवर्ड मैनेजर्स के साथ इंटीग्रेट होता है और एंटरप्राइज-ग्रेड कंप्लायंस फीचर्स के साथ आता है, ताकि यह बिज़नेस और इंडिविजुअल दोनों को आकर्षित कर सके।
CEO का बयान
Perplexity के को-फाउंडर और CEO अरविंद श्रीनिवास ने लॉन्च की घोषणा करते हुए कहा कि, "Comet सिर्फ एक ब्राउजर टैब नहीं है, बल्कि यह आपका 'थिंकिंग पार्टनर' है।"


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