कृपया ध्यान दें: लड़कियों के लिए Instagram ला रहा है नया सेफ्टी फीचर, आपत्तिजनक फोटो करेगा फिल्टर
Instagram एक यूजर सेफ्टी फीचर विकसित करने पर काम कर रहा है जो यूजर्स को उनके डायरेक्ट मैसेज (DMs) में न्यूड तस्वीरें लेने से बचाएगा। जहां सोशल मीडिया लोगों के बीच संचार की खाई को खत्म करता है, वहीं इसने लोगों को परेशान करना भी आसान बना दिया है। साइबर फ्लैशिंग कथित तौर पर एक ऐसा अपराध है जो दुनिया भर में लाखों महिलाओं को प्रभावित करता है। unsolicited और unwanted न्यूड तस्वीरों को फ़िल्टर करने के लिए, इंस्टाग्राम एक ऐसा फीचर विकसित कर रहा है जो लोगों को अपराध से बचाएगा।

वर्ज के अनुसार, मेटा ने बताया है कि इस सुविधा पर अभी काम किया जा रहा है। नया "न्यूडिटी प्रोटेक्शन" फीचर "हिडन वर्ड्स" फीचर के समान है जिसे पिछले साल इंस्टाग्राम द्वारा लॉन्च किया गया था। यह सुविधा उपयोगकर्ताओं को आपत्तिजनक फोटो को और मैसेज को ऑटोमैटिक रूप से फ़िल्टर करने की अनुमति देती है।
मेटा ने दी जानकारी
मेटा (Meta) कथित तौर पर इंस्टाग्राम पर न्यूड तस्वीरों को डिलीवर होने से रोकने के लिए मशीन लर्निंग का इस्तेमाल करने जा रही है। मेटा के एक प्रवक्ता का कहना है कि हम विशेषज्ञों के साथ मिलकर इस पर काम कर रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ये नई सुविधाएँ लोगों को प्राप्त होने वाले मैसेज पर कंट्रोल करते हुए उनकी गोपनीयता की रक्षा करती हैं,"।
इंस्टाग्राम न्यूडिटी प्रोटेक्शन पर कर रहा काम
कंपनी के एक डेवलपर एलेसेंड्रो पलुज़ी ने भी ट्विटर पर इस नए फीचर की एक झलक साझा की। माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर स्क्रीनशॉट साझा करते हुए उन्होंने लिखा, "इंस्टाग्राम चैट के लिए न्यूडिटी प्रोटेक्शन पर काम कर रहा है। आपके डिवाइस की तकनीक उन फ़ोटो को कवर करती है जिनमें चैट में Nudity हो सकती है। इंस्टाग्राम तस्वीरों को एक्सेस नहीं कर सकता।"

नए फीचर के शेयर किए गए स्क्रीनशॉट से साफ है कि यूजर्स के पास अगर चाहें तो रिसीव की गई फोटो या अन्य मीडिया को देखने का विकल्प होगा। वहीं उपयोगकर्ताओं के पास इस सुविधा को Enable और Disable करने का विकल्प भी होगा। मेटा आने वाले हफ्तों में इस नये फीचर के बारे में कुछ और विवरण साझा करेगा।
अमेरिका और ब्रिटेन में बनाए गए कानून
पिछले कुछ सालों में सोशल मीडिया साइट्स पर साइबर क्राइम मामले बढ़े हैं। सभी ऐप्स में से इंस्टाग्राम एक ऐसा App है जहां इस तरह की घटनाएं काफी आम हो गई हैं। 2017 में YouGov के एक सर्वेक्षण के अनुसार, 40 प्रतिशत से अधिक युवा महिलाओं को किसी पुरुष के निजी अंगों की ग्राफिक तस्वीरें मिली हैं। ग्लिच के एक सर्वेक्षण से पता चला है कि जून और जुलाई 2020 में 17 प्रतिशत महिलाओं को पोर्नोग्राफी भेजी गई थी। जबकि अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों ने साइबर फ्लैशिंग के खिलाफ सख्त कानून बनाए हैं, भारत अपने साइबर अपराध कानूनों के तहत संबंधित मामलों से निपटता है।


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