ब्लैकबेरी को हथियाने वाला सौदा सही नहीं : प्रेम वत्स

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हैदराबाद में जन्मे और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के पूर्व छात्र प्रेम वत्स का मानना है कि ब्लैकबेरी को हथियाने की कोशिश एक भूल होती। कनाडा की कंपनी ब्लैकबेरी को बचाने की कोशिश के तहत वत्स कनाडा की कंपनी में एक अरब डॉलर का निवेश कर रहे हैं। कनाडा के वारेन बफेट माने जाने वाले वत्स ने कनाडा के एक समाचार पत्र से कहा कि फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स ने ब्लैकबेरी के अधिग्रहण की योजना त्याग दी है, क्योंकि उसे लगा कि ब्लैकबेरी पर काफी अधिक यील्ड वाला कर्ज थोपना उसकी सेहत के लिए अच्छा नहीं होगा।

 

टोरंटो की कंपनी फेयरफैक्स और अन्य सांस्थानिक निवेशक अब ब्लैकबेरी में निवेश करेंगे और उन्हें एक अरब डॉलर का कनवर्टिबल डिबेंचर जारी किया जाएगा। फेयरफैक्स की ब्लैकबेरी में अभी 10 फीसदी हिस्सेदारी है और वह ब्लैकबेरी की सबसे बड़ी हिस्सेदार भी है।

ब्लैकबेरी को हथियाने वाला सौदा सही नहीं : प्रेम वत्स

नई योजना के तहत ब्लैकबेरी के वर्तमान मुख्य कार्यकारी अधिकारी थोर्स्टन हींस को हटाकर उनकी जगह सिबास और सीमेंस के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉन एस. चेन को अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा बोर्ड ऑफ डायरेक्टर का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जाएगा।

अगले कुछ सप्ताह में नया सौदा पूरा हो जाएगा और उसके बाद फेयरफैक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी 61 वर्षीय वत्स को कंपनी का लीड डायरेक्टर नियुक्त किया जाएगा। टोरंटो के ग्लोब एंड मेल ने कहा कि वत्स ब्लैकबेरी को खंडित नहीं करना चाहते हैं, बल्कि उसे मजबूत करना चाहते हैं।

समाचार पत्र के मुताबिक वत्स ने कहा कि अधिक कर्ज वाली स्थिति बेहतर नहीं होगी। उन्होंने कहा, "आखिर क्यों कोई ब्लैकबेरी फोन खरीदेगा, जब वह यह सोचेगा कि यह कंपनी बचने वाली नहीं है। लेकिन कंपनी कायम रहने वाली है।" वत्स पहले 4.7 अरब डॉलर में ब्लैकबेरी को खरीदने जा रहे थे। उन्होंने कहा कि यह राशि जुटाना कठिन नहीं था।

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