फ्लिपकार्ट को-फाउंडर सचिन बंसल हुए कंपनी से बाहर, पोस्ट किया इमोशनल लेटर
फ्लिपकार्ट और वॉलमार्ट डील के बाद अब फ्लिपकार्ट को लेकर एक और खबर सामने आई है। फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर सचिन बंसल ने 10 साल बाद कंपनी को अलविदा कह दिया है। इसकी जानकारी देते हुए उन्होंने फेसबुक पर एक इमोशन पोस्ट शेयर किया।
वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट डील में सचिन बंसल ने अपनी पूरी हिस्सेदारी वॉलमार्ट को बेच दी। बता दें कि बिलियन डॉलर यानी 99,000 करोड़ रुपए में वॉलमार्ट फ्लिपकार्ट की डील हुई है।

सचिन ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि अब वह कंपनी का हिस्सा नहीं हैं और उन्होंने फ्लिपकार्ट में बेस्ट टीम के साथ काम किया है। उन्होंने आगे लिखा कि उन्हें दुख है कि 10 साल के बाद वह फ्लिपकार्ट से अलग हो रहे हैं और अब ये जिम्मेदारी किसी और को सौंपने का समय आ गया है। लेकिन बाहरी तरफ से भी इस कंपनी को उत्साहित करता रहूंगा। उन्होंने कहा कि वह अब अपने पर्सनल प्रोजेक्ट पर फोकस करेंगे।
बता दें कि फ्लिपकार्ट की कीमत करीब 20 बिलियन डॉलर मानी गई है, जिसमें से करीब 16 बिलियन डॉलर यानी 99,000 करोड़ रुपए में वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट का 77 परसेंट हिस्सेदारी खरीदी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सचिन ने अपनी 5.5 पर्सेंट हिस्सेदारी लगभग 1 अरब डॉलर में बेचकर कंपनी से बाहर हुए हैं। रिपोर्ट में सामने आया कि सचिन वॉलमार्ट की स्ट्रेटेजी और प्रपोज स्ट्रक्चर से खुश नहीं थे, इसीलिए उन्होंने कंपनी छोड़ने का फैसला किया।
सचिन बंसल ने करीब 10 साल पहले 2007 में आईआईटी-दिल्ली के अपने एक साथी बिन्नी बंसल के साथ मिलकर फ्लिपकार्ट की शुरुआत की थी। अब दस साल बाद सचिन कंपनी को अलविदा कह चुके हैं, लेकिन बिन्नी अब भी इस कंपनी का हिस्सा बने हुए हैं। फ्लिपकार्ट ग्रुप के सीईओ बिन्नी बंसल ने कंपनी के कर्मचारियों को एक टाउन हॉल मीटिंग में सचिन के कंपनी छोड़ने की जानकारी दी।
जानकारी के लिए बता दें कि वॉलमार्ट इस समय दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स वेबसाइट है। वहीं फ्लिपकार्ट भारत की सबसे बड़े शॉपिंग वेबसाइट और भारतीय ई-कॉमर्स मार्केट की 40 परसेंट हिस्सेदारी रखता है। फ्लिपकार्ट को खरीदने के बाद वॉलमार्ट को भारतीय ऑनलाइन मार्केट में एंट्री लेने के लिए एक दमदार प्लेटफॉर्म मिलेगा।


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