क्‍या नोकिया 3310 आज भी आपका पसंदीदा फोन है

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नोकिया ने जब 2000 में 3310 हैंडसेट को लांच किया था तो उसने सोचा भी नहीं होगा उसका ये हैंडसेट लोगों के दिलों में एक अलग जगह बना लेगा। जब कि उस जमाने में न तो इसमें कोई एप्‍लीकेशन थी, न कैमरा और न हीं ऐसा कोई खास फीचर जिसकी वजह से आप इसकी गिनती उस समय के हाईइंड फोनों में करें।

लेकिन इसकी कुछ खासियतों की वजह से ये लोगों का पसंदीदा फोन था। नोकिया 3310 को ब्रिक फोन भी कहा जाता है कारण इसकी मजबूती जो आज भी बड़े-बड़े स्‍मार्टफोनों को टक्‍कर दें सकती है। आज भी कई लोगों के पास नोकिया 3310 हैंडसेट है भले ही वे उसे प्रयोग न करते हों लेकिन 3310 की तुलना आप किसी दूसरे फोन से नहीं कर सकते हैं।

हम 3310 की कुछ ऐसी खूबियों के बारे में चर्चा करेंगे जिनकी वजह से आज भी ये मोबाइल यूजरों के दिलों में एक अलग पहचान बनाए हुए है।

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Play games with the help of thumb.

3310 में दी गई मिडिल बटन की मदद से आप अपने पसंदीदा गेम स्‍नेक, पेयर इम्‍पैक्‍ट बड़े आराम से खेल सकते हैं यानी इसमें गेम एक्‍सेस करने के लिए सिंगल बटन दी थी। आजकल के स्‍मार्टफोन में गेम खेलने के लिए आपको ढेर सारी बटने दबानी पड़ती हैं।

Nokia special cases

आजकल भले आप अपने स्‍मार्टफोन के लिए ढेर सारे डिजायनर केस खरीद सकते हो लेकिन नोकिया 3310 के समय मार्केट में इतने ऑप्‍शन उपलब्‍ध नहीं थे लेकिन नोकिया 3310 के कवर को आप अलग से खरीद कर बदल सकते थे जो इसकी लोकप्रियता का एक बड़ा कारण था।

Battery life

कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि आप घर से बिना फोन चार्जिंग की टेंशन के निकले हों, हम अक्‍सर कहीं बाहर जाने से पहले अपने फोन चार्ज करना नहीं भूलते, नोकिया 3310 का बैटरी बैकप इतना बढि़या था कि घर से निकलते समय बार-बार फोन चार्ज करने की आपको कोई टेंशन नहीं रहती थी।

Eeasier to repair

नोकिया 3310 को रिपेयर करना सबसे आसान था, क्‍योंकि इसके बैक पैनल और फ्रंट पैनल को 2 मिनट में ओपेन करके फोन के अंदर लर्गी हुए चिप निकाल सकते थे।

screen in direct sunlight

3310 में मोनोक्रोम एलसीडी स्‍क्रीन की वजह से धूप में भी स्‍क्रीन में लिखे शब्‍द बड़े आराम से पढ़ सकते थे जबकि आजकल के स्‍मार्टफोन में इसके लिए खास स्‍क्रीन दी जाती है।

Pocket friendly

क्‍या कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि कोई आपको देर से फोन कर रहा हों लेकिन आपको उसका पता भी न चला हो। आजकल के स्‍मार्टफोन का साइज इतना पतला और हल्‍का होता है कि फोन आसानी से गुम हो जाता है लेकिन 3310 का साइज बड़ा होने के बावजूद पॉकेट फ्रेंडली था

Real brick phone

नोकिया 3310 को ब्रिक फोन भी कहा जाता है इसका कारण है इसकी मजबूती, 3310 को चाहे आप दूसरे माले से नीचे फेंक दें या फिर सड़क पर गिरा दें। बैक कवर खूलने के बाद भी इसमें कोई असर नहीं होता। इसीलिए नोकिया 3310 को ब्रिक फोन भी कहते हैं।


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