जियो के सस्ते रिचार्ज गायब? IMEI ब्लॉक कर कंपनी ने छिपाई ये धाकड़ सर्विस, यूजर्स का फूटा गुस्सा
रिलायंस जियो (Reliance Jio) पर सरकारी डेडलाइन के बाद दबाव काफी बढ़ गया है। सरकार ने आदेश दिया था कि 14 अप्रैल 2026 तक सभी मोबाइल प्लान हर किसी के लिए उपलब्ध होने चाहिए। हालांकि, यूजर्स का कहना है कि सस्ते रिचार्ज के विकल्प अभी भी छिपे हुए हैं या गायब हैं। इन तकनीकी रुकावटों की वजह से कई स्मार्टफोन यूजर्स आज भी कम कीमत वाली सेवाओं का फायदा नहीं उठा पा रहे हैं।
सस्ते वाउचर न मिलने से कई ग्राहक नाराज हैं। लोगों को उम्मीद थी कि जियोफोन (JioPhone) वाले सस्ते प्लान अब हर मोबाइल पर काम करेंगे। लेकिन इसके उलट, MyJio ऐप और वेबसाइट से ये पैक गायब मिल रहे हैं। नियमों के बावजूद, इस स्थिति में यूजर्स को बेसिक सर्विस के लिए भी ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। इससे करोड़ों सब्सक्राइबर्स के लिए मोबाइल खर्च कम नहीं हो पा रहा है।

जियो यूजर्स का आरोप: IMEI ब्लॉक कर छिपाए जा रहे हैं सस्ते कनेक्टिविटी वाउचर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जियो डिवाइस कोड (IMEI) का इस्तेमाल कर कुछ खास वाउचर को ब्लॉक कर रहा है। कई यूजर्स को अपने नए 5G स्मार्टफोन पर सस्ते पैक दिखाई नहीं दे रहे हैं। उनका दावा है कि जियो इन विकल्पों को छिपाकर सरकारी नियमों से बचने की कोशिश कर रहा है। इस वजह से लोग सबसे किफायती डेटा प्लान नहीं चुन पा रहे हैं, खासकर वे जो अपने मंथली रिचार्ज पर पैसे बचाना चाहते हैं।
पूरा विवाद 123 रुपये वाले उस वाउचर पर टिका है जो पहले सिर्फ बेसिक फोन्स के लिए था। रेगुलेटर ने सभी कंपनियों को आदेश दिया था कि ऐसे प्लान हर किसी के लिए उपलब्ध कराए जाएं। ग्राहकों को उम्मीद थी कि इससे उनका मंथली बिल कम होगा। हालांकि, डिवाइस ब्लॉकिंग की वजह से अलग-अलग यूजर्स के बीच अब भी भेदभाव बना हुआ है। यह तरीका हर नागरिक को समान एक्सेस देने के वादे के खिलाफ है।
टेलीकॉम एक्सपर्ट्स का मानना है कि प्लान छिपाने की इस प्रैक्टिस की वजह से कंपनी पर भारी जुर्माना लग सकता है। फोन के टाइप के आधार पर किसी प्लान को ब्लॉक करना मौजूदा नियमों के खिलाफ है। अब यूजर्स मांग कर रहे हैं कि कंपनी के ऐप पर हर प्लान साफ तौर पर दिखना चाहिए। जैसे-जैसे लोगों को अपने पसंदीदा बजट पैक नहीं मिल रहे, दबाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में अथॉरिटी को दखल देना पड़ सकता है ताकि कंपनियां निर्देशों का पालन करें।
सस्ते वाउचर गायब होने से भारतीय मोबाइल यूजर्स पर क्या असर पड़ा?
नए आंकड़े बताते हैं कि सरकारी वादे और हकीकत के बीच एक बड़ी खाई है। ज्यादातर स्मार्टफोन यूजर्स को अब भी महंगे प्लान खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इन पैक्स में अक्सर ऐसा एक्स्ट्रा डेटा होता है जिसकी लोगों को जरूरत नहीं होती। नीचे दी गई टेबल उन बजट प्लान्स को दर्शाती है जिनकी चर्चा ऑनलाइन हो रही है। डेडलाइन बीतने के बाद भी ये वाउचर फिलहाल प्रतिबंधित हैं।
| प्लान की कीमत | ओरिजिनल डिवाइस | आज का स्टेटस |
|---|---|---|
| 123 रुपये | जियोभारत फोन | IMEI फिल्टर के जरिए ब्लॉक |
| 249 रुपये | फीचर फोन | स्मार्टफोन यूजर्स के लिए छिपा हुआ |
| 155 रुपये | बेसिक एंट्री | रिचार्ज लिस्ट से गायब |
सस्ते प्लान न मिलने से उन करोड़ों लोगों पर असर पड़ रहा है जिन्हें रोजाना किफायती मोबाइल सर्विस चाहिए। कई लोगों को लगता है कि कंपनी नए नियमों से ज्यादा अपने मुनाफे को अहमियत दे रही है। मोबाइल एक्सेस निष्पक्ष होना चाहिए और यह फोन की कीमत पर निर्भर नहीं करना चाहिए। अगर जल्द सुधार नहीं हुए, तो यूजर्स का भरोसा टूट सकता है और वे दूसरे प्रोवाइडर्स की तलाश कर सकते हैं। डिजिटल इंडिया की रफ्तार के लिए पारदर्शी कीमतें बेहद जरूरी हैं।
जियो का जवाब और IMEI ब्लॉकिंग पर TRAI का अगला कदम
जियो ने यूजर्स की इन ताजा शिकायतों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। सूत्रों का कहना है कि सिस्टम को नए मानकों के हिसाब से अपडेट किया जा रहा है। हालांकि, कुछ आलोचकों का मानना है कि यह देरी जानबूझकर की जा रही है ताकि ग्राहक लंबे समय तक महंगे प्लान्स पर बने रहें। अप्रैल की डेडलाइन निकलने के बाद भी समाधान का इंतजार बना हुआ है।
टेलीकॉम रेगुलेटर अगले कुछ दिनों में इन खास शिकायतों की जांच कर सकता है। अगर कंपनी डिवाइस ब्लॉकिंग का इस्तेमाल करती पाई गई, तो उसे कड़ी पेनल्टी झेलनी पड़ सकती है। यूजर्स भी जल्द समाधान के लिए सरकार को इन गायब प्लान्स की रिपोर्ट कर रहे हैं। इस सामूहिक कोशिश से जल्द ही सभी के लिए सस्ते विकल्प वापस आ सकते हैं। अब देखना यह है कि जियो अपने ऐप की लिस्टिंग में कितनी जल्दी बदलाव करता है।
पूरी इंडस्ट्री को अब मोबाइल प्लान से जुड़े इन नियमों पर स्पष्ट जवाब का इंतजार है। इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि बड़ी कंपनियां नए कानूनों का कितनी अच्छी तरह पालन करती हैं। फिलहाल, यूजर्स को उम्मीद है कि बजट पैक जल्द ही सबके लिए उपलब्ध होंगे। सही और किफायती कीमतें देश के हर नागरिक को कनेक्टेड रहने में मदद करेंगी, जो भारत में मोबाइल सेवाओं के भविष्य के लिए बहुत जरूरी है।


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