Reliance Jio ने लॉन्च की तीसरी बड़ी टेक्नोलॉजी, अनकनेक्टेड इलाकों पहुंचेगा हाई-स्पीड इंटरनेट
Jio Space Fiber Launched: सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो (jio) ने देश के दूरदराज इलाकों को कनेक्ट करने के लिए नई टेक्नोलॉजी लॉन्च की है। जिसे जियो स्पेस फाइवर (Jio Space Fiber) नाम दिया गया है। जियो स्पेस फाइबर एक सैटेलाइट बेस्ड गीगा फाइबर टेक्नोलॉजी है, जो उन सभी इलाकों को कनेक्ट करेगा जहां फाइबर केबल से ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाना मुश्किल होता है। इसे कंपनी ने काफी किफायती कीमत पर उपलब्ध कराएगी। आइए आपको इस नई टेक्नोलॉजी के बारे में विस्तार से बताते हैं।
जियो स्पेस फाइबर टेक्नोलॉजी से जुड़े स्थान
आपको बता दें, देश के चार सबसे दूरदराज स्थान जियो स्पेस फाइबर टेक्नोलॉजी से जुड़ चुके हैं। जिनमें छत्तीसगढ़ का कोरबा, उड़ीसा का नबरंगपुर , असम का ओएनजीसी-जोरहाट और गुजरात का गिर नेशनल पार्क शामिल है।
तीसरी सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी
जियो फाइबर और जियो एयर फाइबर के बाद यह कंपनी की कनेक्टिविटी पोर्टफोलियो की तीसरी सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी है। आपको बता दें, जियो स्पेस फाइबर से दुर्लभ इलाकों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए, SES कंपनी के उपग्रहों का इस्तेमाल किया जाएगा। जिसके बाद यूजर को कभी भी और कहीं भी कनेक्टिविटी मिलेगी।
वहीं आकाश अंबानी का कहना है कि, जियो ने भारत में लाखों घरों और व्यवसायों को पहली बार ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा प्रदान किया है। जियो स्पेस फाइबर से हम अभी तक अनकनेक्टिड लाखों लोगों को कवर कर सकेंगे। इसे शिक्षा, स्वास्थ्य और मनोरंजन सेवाओं हर किसी को कहीं भी कनेक्ट किया जा सकेगा।

शिक्षा और स्वस्थ्य के क्षेत्र में होगा बड़ा बदलाव
इस नई टेक्नोलॉजी को लेकर टेलीकॉम एक्सपर्ट की मानें तो 'जियो स्पेस फाइबर' ग्रामीण भारत की शक्ल बदलने बदलने में काफी मददगार साबित होगा। विश्वसनीय , किफायती और हाई-स्पीड इंटरनेट से जुड़ने पर दुर्लभ इलाकों में शिक्षा और स्वस्थ्य के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। दूरदराज के सरकारी स्कूल भी सैटेलाइट कनेक्टिविटी की मदद से इंटरनेट की दुनिया से जुड़ सकेंगे। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में भी काफी सुधार होने की उम्मीद है। इसके साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, टीकाकरण, पोषण और सामुदायिक कल्याण के आंकड़े सही टाइम में उपलब्ध होंगे।


Click it and Unblock the Notifications








