गलत नहीं था जियो यूज़र्स का लीक हुआ डाटा, आरोपी ने किए कई खुलासे
रिलायंस जियो इस बार टेलिकॉम ऑपरेटर्स के नहीं बल्कि यूज़र्स के सवालों के घेरे में है। कंपनी पर कई तरह से सवाल उठ रहे हैं। साथ ही अब यूज़र्स में अपने निजी डाटा को लेकर असुरक्षा की भावना भी है। नाम और फ़ोन नंबर के लीक होने से यूज़र्स में डर और गुस्सा दोनों हैं।

देशभर में जियो के करीब 120 मिलियन यूज़र्स हैं। ऐसे में यह लीक हुआ डाटा, सबसे बड़ा और निजी डाटा है। साइबर सिक्योरिटी एक्स्पर्ट्स इसे भारतीय टेलीकॉम कंपनी का सबसे बड़ा डाटा मान रहे हैं।
इस डाटा के लीक होने पर कई जियो सब्सक्राइबर्स ने ट्विटर पर भी अपना गुस्सा जाहिर किया है। हालाँकि जियो का कहना है कि कंपनी इस मामले की जांच रही है और जिस वेबसाइट पर डाटा लीक हुआ था उसे बंद कर दिया गया है।
एक संदिग्ध हिरासत में
राजस्थान से इस मामले में एक को हिरासत में लिया गया है। यह एक 35 साल का कंप्यूटर साइंस स्टूडेंट है, इसका नाम इमरान चिप्पा बताया जा रहा है। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि जियो डाटा लीक मामले एक गिरफ्तारी भी हुई है।
पुलिस ने शक के आधार पर इस शख्स का फोन, लैपटॉप आदि भी जब्त कर लिए हैं।
सुजानगढ़ का है इमरान चिप्पा
इमरान चिप्पा राजस्थान के चुरू जिले के सुजानगढ़ नाम के कसबे का रहने वाला है। इसकी गिरफ्तारी भी चुरू से ही हुई है। पुलिस का कहना का है कि इमरान ने ही Magicapk वेबसाइट बनाई थी और यूज़र्स के डाटा को यहां लीक किया था।
आईपी एड्रेस ट्रैक कर पहुंची पुलिस
इस मामले की जानकारी मिलते ही जियो ने मुंबई पुलिस में एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके बाद पुलिस ने अपनी जांच में एक आईपी एड्रेस को ट्रैक किया और राजस्थान के चुरू तक आ पहुंची।
फेक है वेबसाइट और डाटा
वहीं जियो यूज़र्स के डाटा लीक होने की बात पर कंपनी का कहना है कि जिस वेबसाइट पर डाटा लीक हुआ वह भी वेरीफाइड नहीं है। यानी कि यह डाटा भी सही नहीं है। हालाँकि कंपनी को ट्विटर पर यूज़र्स के गुस्से का सामना करना पड़ा है, जो कि एकदम लाज्मी है।
सही जानकारी हुई थी लीक
इस पूरे मामले पर अगर आप नज़र डालें तो कई यूज़र्स ने ट्विटर पर दावा किया है कि Magicapk वेबसाइट पर जो डाटा लीक हुआ है उसमें यूज़र्स की बिलकुल सही जानकारी दी गई थी। नाम, पता और नंबर से लेकर ईमेल आईडी तक सभी कुछ सही था। ऐसे में सुरक्षा पर सवाल तो उठेंगे ही।


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