REvil Gang ने बनाया दुनिया के सबसे बड़े Ransomware Attack में 17 देशों को निशाना
Kaseya Ransomware Attack: अमेरिकी आईटी फर्म कसेया (Kaseya) एक साइबर अटैक का शिकार हुआ है। यह सबसे बड़ा ग्लोबल रैन्समवेयर अटैक माना जा रहा है। संयुक्त राज्य अमेरिका में सैकड़ों बिजनेस शुक्रवार को इस घातक साइबर अटैक से प्रभावित हुए हैं। और इस अटैक के पीछे रूस का REvil Gang का हाथ हो सकता है।

Kaseya Ransomware Attack: मांगी 5 मिलियन डॉलर की फिरौती
साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स के अनुसार, रैन्समवेयर ने शुक्रवार को कम से कम 17 देशों को निशाना बनाया गया है। ऐसा मुख्य तौर पर उन कंपनियों के माध्यम से किया गया, जो कई कस्टमर्स को आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर का मैनेज करती हैं। इसके अलावा 5 मिलियन डॉलर की फिरौती देने की भी मांग की गई है।
जबकि अब अपनी डार्क वेब साइट, हैप्पी ब्लॉग पर एक फिरौती की मांग को लेकर पोस्ट पब्लिश की है। पोस्ट के अनुसार, रेविल गैंग, जिसे सोडिनोकिबी (Sodinokibi) के नाम से भी जाना जाता है, ने "एक मिलियन से अधिक सिस्टम" होने का दावा करने के लिए $70 मिलियन यानि लगभग 520 करोड़ रुपये का भुगतान करने के लिए कहा है।
वहीं साफ्टवेयर सर्विस प्रोवाइडर कंपनी कसेया ने बताया है कि वह इस हमले का शिकार शनिवार को बना। जबकि कंपनी ने 40,000 से अधिक संगठनों को अपनी सर्विसेज दे रखी हैं। और साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का भी यही कहना है कि इस रैंसमवेयर अटैक के पीछे रेविल गैंग (REvil Gang) का हाथ हो सकता है।
FBI ने रविवार को एक बयान में कहा कि वह फेडरल साइबर सिक्योरिटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी के साथ हमले की जांच कर रही है, हालांकि इस घटना का पैमाना ऐसा हो सकता है कि हम प्रत्येक विक्टिम को व्यक्तिगत रूप से जवाब नहीं दे पाएँ।
डिप्युटी नेशनल सिक्योरिटी एड्वाइजर ऐनी न्यूबर्गर ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस घटना की जांच के लिए सरकार के पूर्ण संसाधनों को निर्देशित किया है और उन सभी से आग्रह किया जो मानते थे कि एफबीआई को सतर्क करने के लिए उनके साथ समझौता किया गया था।
Kaseya Ransomware Attack: क्या कहा अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी कड़ा जवाब दिया है और कहा कि अगर क्रेमलिन के इसमें शामिल होने की बात सामने आई है, तो अमेरिका इसका जवाब देगा। बाइडेन ने यह भी कहा कि उन्होंने खुफिया सिस्टम से गहराई से इस मामले की जांच करने को कहा है।
गौरतलब हो कि अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने तकरीबन एक महीने पहले 'रेविल' और अन्य 'रैन्समवेयर' गैंग को पनाह ना देने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर प्रेसर बनाया था। बाइडेन का कहना था कि इन गैंग्स से अमेरिकी सिक्योरिटी को खतरा हैं।
साइबर सिक्योरिटी फर्म सोफोस (Sophos) की रिपोर्ट के अनुसार, फाइनेंसियल सर्विसेज, ट्रेवल और हॉलिडे, और पब्लिक सेक्टर सहित सभी महाद्वीपों पर, बिज़नेसों और पब्लिक एजेंसियों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रभावित हुई हैं। रैंसमवेयर क्रिमिनल नेटवर्क में सेंध लगाते हैं और मैलवेयर बोते हैं जो उनके सभी डेटा को स्क्रैम्बल करके एक्टिव होने पर नेटवर्क को पंगु बना देते हैं। पेमेंट करने पर विक्टिम्स को एक डिकोडर कुंजी मिलती है। स्वीडिश ग्रोसरी चेन COOP ने कहा कि उसके 800 स्टोर दूसरे दिन भी बंद रहे।


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