इस सऊदी महिला कार्यकर्ता के iPhone ने खोली थी Pegasus और NSO ग्रुप की पोल
पेगासस स्पाइवेयर के बारे में तो आपको पता ही है जिसने पूरी दुनिया में तबाही मचा दी थी। इस Pegasus स्पाइवेयर को इज़राइली कंपनी एनएसओ द्वारा बनाया गया है। इस सॉफ्टवेयर से हजारों लोगों के फोन हैक कर महत्वपूर्ण जानकारियां चुराई थी। साथ ही भारत में भी इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से कई बड़े सेलिब्रिटीज, नेताओं, कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के फोन हैक करके जासूसी की गई थीं।

ऐसे पकड़ में आया था पेगासस स्पाइवेयर
लेकिन अब इसका खुलासा हुआ है। सऊदी अरब की महिला कार्यकर्ता लौजैन अल-हथलौल (Loujain al-Hathloul) के iPhone पर मिली एक फोटो फ़ाइल के माध्यम से इंजीनियरों ने जासूसी सॉफ़्टवेयर की पोल खुल दी। जी हाँ, इस बात का खुलासा हुआ है कि पेगासस सबसे पहले सऊदी अरब की महिला कार्यकर्ता लूजैन अल-हथलौल के आईफोन में मिली एक फोटो फाइल के जरिए पकड़ में आया था।
दरअसल आपको बता दें कि जासूसी सॉफ्टवेयर Pegasus की पोल तब खुली जब इसमें कुछ खामियाँ थीं। जी हाँ, इसका पता सऊदी अरब की महिला कार्यकर्ता लौजैन अल-हथलौल (Loujain al-Hathloul) चला। बता दें कि सऊदी अरब की महिला कार्यकर्ता Loujain al-hathloul और प्राइवेसी रिसर्च को ठोस सबूत मिले थे जिसमें पेगासस स्पाइवेयर ने उनके आईफोन को हैक किया था।
वहीं आपको बता दें कि न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में सीधा बताया कि 6 महीने तक आईफोन रिकॉर्ड को चेक करने के पश्चात सिटीजन लैब के रिसर्चर बिल मार्कजैक ने बताया कि उनके डिवाइस में एक सर्विलांस सॉफ्टवेयर लॉन्च किया गया था जिससे उस डिवाइस से प्राइवेट मैसेजेस चुराता था।
इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि कंप्यूटर कोड जो हमलावरों ने छोड़ा था, जिससे साफ होता था कि इसके पीछे NSO ही हैं। साथ ही बाद में एप्पल ने हजारों स्टेट बैंक हैकिंग विक्टिम्स के बारे में पता लगाया।
कौन है लौजैन अल-हथलौल
जानकारी के लिए आपको बता दें कि लौजैन अल-हथलौल सऊदी अरब की एक बहुत जानी मानी महिला एक्टिविस्ट है और वो महिलाओं के अधिकार के लिए आवाज उठाती रहती हैं। वही उनके आईफोन से उनकी प्राइवेट जानकारी चुराई जा रही थी।
हालांकि इस बात की भनक उसे तब लगी जब पिछले साल फरवरी के महीने में वह जेल से रिहा हुई थी। आईफोन जिसे दुनिया का सबसे सुरक्षित फोन माना जाता है, इस कारण हथलौल को शक हुआ और उसने हैकिंग का पता लगाने के लिए कनाडा की संस्था सिटीजन लैब को सौंप दिया। और सिटीजन लैब ने 6 महीनों के अंदर खोज निकाला। इजराइली जासूसी सॉफ्टवेयर जो ऐसे सबूत नहीं छोड़ती है लेकिन हथलौल के आईफोन में मिली फाइल फोटो से पक्का हो गया कि इसके पीछे NSO और Pegasus है।


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