कोई कपड़ा नहीं Battery है ये, ऐसे करेगी काम
टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है और लोगों के बीच वियरेबल डिवाइस की डिमांड बढ़ रही है। इसी को देखते हुए साइंटिस्ट फ्लैक्सिबल और स्ट्रेचेबल पावर सोर्स इंवेंट कर रहे हैं। अब इस क्रम में बैटरी भी जुड़ चुकी है। हाल ही में कुछ ऐसी रिसर्च सामने आई हैं, जिनमें बैटरी को कपड़े की तरह पेश किया गया है, जिसे आसानी से इंसान अपने शरीर पर पहन सकता है।
कपड़े की तरह दिखने वाली ये बैटरी पूरी तरह सुरक्षित है और इसे ह्यूमन बॉडी को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। साउथ कोरिया के साइंटिस्ट ने एक ऐसी ही पहनी जा सकने वाली लिथियम आयन बैटरी पेश की है, जो नेक्स्ट जनरेशन के वियरेबल डिवाइस को और हाईटेक बना देगी।

साउथ कोरिया के साइंटिस्ट ने एक ऐसी ही पहनी जा सकने वाली लिथियम आयन बैटरी पेश की है, जो नेक्स्ट जनरेशन के वियरेबल डिवाइस को और हाईटेक बना देगी। रिसर्चर ने इस बैटरी के निर्माण के लिए कार्बन/पॉलीमर (एचसीपी) का इस्तेमाल किया है। उल्सान नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस और टेक्नोलॉजी (UNIST) के साइंटिस्ट ने लचीले इलेक्ट्रोड्स बनाने के लिए प्रवाहकीय पॉलीमर कंपोजिट का उपयोग करके इस समस्या को सुलझा लिया।

UNIST के प्रोफेसर और साइंटिस्ट नेKwanyong Seo ने कहा, उम्मीद है कि हमारे निष्कर्षों से विभिन्न प्रकार के पहने जा सकने वाले डिवाइस के की संख्या का विस्तार होगा, क्योंकि दुनियाभर में लचीले इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लोगों को काफी आकर्षित कर रही हैं क्योंकि इनमें लचीलापन होता है।

स्ट्रेचेबल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में लगातार हो रही तरक्की की है। यूजर्स के बीच जैसे-जैसे वियरेबल स्मार्ट गैजेटी की मांग बढ़ रही है, ऐसे में इस तरह की बैटरी इन डिवाइस के लिए काफी उपयोगी है। रिपोर्ट में ये भी कहा गय कि दुनिया भर से कई तरीके सुझाए गए थे, लेकिन इनमें से कोई भी मांग के अनुसार अत्यधिक लचीलेपन वाला इलेक्ट्रोड्स विकसित करने में सक्षम नहीं हो पाए। UNIST की रिसर्च टीम ने दावा किया है कि उन्होंने लचीले इलेक्ट्रोड्स बनाने के लिए प्रवाहकीय पॉलीमर कंपोजिट का उपयोग करके काफी हद तक इस समस्या को सुलझा लिया।


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