सर्विस प्रोवाइडर आधार के लिए करें ऑफलाइन वेरिफिकेशन का इस्तेमाल: UIDAI

    आधार कार्ड को हर जगह अनिवार्य बनाने को लेकर राहत मिल चुकी है। वहीं आधार जारी करने वाले निकाय यूआईडीएआई ने एक और फैलता सुनाया है। बता दें, यूआईडीएआई ने कहा कि सर्विस प्रोवाइडर आधार के लिए ऑफलाइन वेरिफिकेशन मोड का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन सर्विस में ई-आधार और क्यूआर कोड शामिल है। जो यूजर्स को बायोमेट्रिक्स या प्रमाणीकरण तक पहुंचने या 12 अंकों की आधार आईडी को प्रकट किए बिना सेवाओं का लाभ उठाने की अनुमति देता है।

    सर्विस प्रोवाइडर आधार के लिए करें ऑफलाइन वेरिफिकेशन का इस्तेमाल: UIDAI

    बता दें, आधार के उपयोग को सीमित करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यूआईडीएआई ने यह बयान दिया है। पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में यूआईडीएआई के सीईओ अजय भूषण पांडे ने कहा कि प्राधिकारी की कानूनी समझ के अनुसार, ऑफलाइन विकल्प हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप हैं।

    UIDAI बना रहा जागरूकता पैदा करने की योजना

    आधार जारी करने वाला निकाय इन वेरिफिकेशन मैथर्ड के चलते लोगों के बीच जागरूकता फैलाने का काम कर रही है। पांडे का कहना है कि, यूआईडीएआई ऑफ़लाइन विकल्पों के साथ आता है। जो अनुसूचित जाति के आदेश के अनुरूप होगा। लोग अपने आधार कार्ड के इलेक्ट्रॉनिक वर्जन को डाउनलोड करके यूआईडीएआई सर्वर के बिना अपना आधार आईडी वेरिफाइड कर सकते हैं। लोगों के पास आधार संख्या मास्क करने का विकल्प है।

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    साथ ही एक क्यूआर कोड है जिसमें आधार नंबर की जरूरत नहीं होती है। उन्होंने कहा कि, इनमें से किसी भी विकल्प का उपयोग करने से सेवा प्रदाताओं को एक व्यक्ति की पहचान स्थापित करने की अनुमति मिल जाएगी। साथ ही 'वन टाइम पासवर्ड' भी वेरिफिकेशन का काफी अच्छा विकल्प है। जो इसे सुरक्षा प्रदान करता है। नई ऑफलाइन वेरिफिकेशन प्रणाली में दी गई जानकारी में केवल नाम, पता और फोटो होता है। जो किसी भी अन्य आईडी दस्तावेज़ में उपलब्ध है।

    UIDAI करगी वर्कशॉप का आयोजन

    पांडे ने बताया कि यूआईडीएआई अगले सप्ताह नई दिल्ली में आधार ऑफ़लाइन वेरिफिकेशन को विस्तार से बताने के लिए एक वर्कशॉप का आयोजन करने की योजना बना रहा है। हम तकनीकी दुनिया से इस बारें में बात करेंगे। उन्होंने बताया कि अगले हफ्ते, हम नई दिल्ली में एक सम्मेलन आयोजित करने जा रहे हैं। जहां हम तकनीकी समुदाय को यह समझाएंगे कि वह कैसे आसानी से आधार ऑफ़लाइन ईकेवाईसी का उपयोग कर सकते हैं।

    सुप्रीम कोर्ट ने आधार की वैधता को रखा था बरकरार

    बता दें, पिछले हफ्ते दूरगामी परिणामों के फैसले के चलते सुप्रीम कोर्ट ने आधार की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा था। हालांकि विवादास्पद बॉयोमीट्रिक पहचान परियोजना के दायरे को सीमित कर दिया था। यह निर्णय बैंक खातों, मोबाइल कनेक्शन या स्कूल प्रवेश के लिए अनिवार्य नहीं है। बता दें, अदालत ने कहा कि आयकर (आईटी) रिटर्न दाखिल करने और स्थायी खाता संख्या (पैन) आवंटित करने के लिए आधार अनिवार्य रहेगा। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय ने 1 अक्टूबर को 12 अंकों के पहचानकर्ता यूआईडीएआई के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद दूरसंचार कंपनियों को अगले 15 दिन के भीतर, आधार बॉयोमीट्रिक प्रमाणीकरण का उपयोग रोकने की योजना बनाने के लिए कहा था।

    English summary
    UIDAI said that service providers can use offline verification mode for the basis. These services include e-base and QR code. Which allows users to take advantage of services without access to biometrics or authentication or disclosing the 12 digit ID.
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