Signal App क्या है, कैसे फीचर्स हैं और व्हाट्सऐप से क्यों बेहतर है...?
अगर आप भी पिछले कुछ दिनों में Signal App के बारे में बहुत सारी बातें कई बार सुन चुके हैं और इस ऐप के बारे में विस्तार में जानना चाहते हैं तो आप सही आर्टिकल पढ़ रहे हैं। इस आर्टिकल में हम आपको इस सिग्नल ऐप के बारे में ही विस्तार से बताने जा रहे हैं। आपको बात दें कि व्हाट्सऐप ने अपनी नई प्राइवेसी पॉलिसी के बारे में खुलासा कुछ दिन पहले किया है। व्हाट्सऐप का कहना है कि अ्गर यूज़र्स उनकी पॉलिसी से सहमत नहीं है तो उन्हें अपना व्हाट्सऐप अकाउंट बंद करना होगा।
Signal App ने बजाई WhatsApp की बैंड
अब यूज़र्स को व्हाट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी बिल्कुल पसंद नहीं आ रही है। ऐसे में यूज़र्स दूसरे ऐप्स की तरफ रूख कर रहे हैं। व्हाट्सऐप के विकल्प के रूप में ही लोग सिग्नल ऐप को पसंद कर रहे हैं और पिछले कुछ दिनों में सिग्नल ऐप को इतने सारे लोगों ने डाउनलोड कर लिया है कि सिग्नल ऐप का सर्वर ही डाउन हो गया है। इस बात की जानकारी खुद सिग्नल ऐप ने ट्वीट करके दी है।
सिग्नल ऐप ने ट्वीट कर दी जानकारी
सिग्नल ऐप ने ट्वीट के जरिए जानकारी दी है बहुत सारे लोगों के द्वारा अचानक एक साथ ऐप को डाउनलोड करने की वजह से वेरिफिकेशन कोड में दिक्कत आ रही है लेकिन इसके लिए उनकी टीम काम कर रही है। आपको बता दें कि सिग्नल ऐप एप्पल के ऐप स्टोर में फ्री ऐप की लिस्ट में टॉप पर आ गया है।
क्या टेलीग्राम से भी सिग्नल ऐप बेहतर है...?
व्हाट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी सामने आने के बाद यूज़र्स व्हाट्सऐप का विकल्प ढूंढ रहे हैं। इस विकल्प के तौर पर यूज़र्स खासतौर पर दो ऐप को पसंद कर रहे हैं एक Signal App और दूसरा Telegram ऐप है।
इन्हीं वजहों से सिग्नल ऐप व्हाट्सऐप से कहीं बेहतर है और अगर व्हाट्सऐप अपने बनाई हुई नई प्राइवेसी पॉलिसी में बदलाव नहीं करेगी तो यूज़र्स निश्चित तौर पर व्हाट्सऐप का बायकॉट कर सिग्नल ऐप को अपना लेंगे।
ऐसे में अब व्हाट्सऐप के विकल्प ढूंढने वाले इस दौर में टेलीग्राम और सिग्नल ऐप दोनों यूज़र्स को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए तमाम हथकंडे जरूर अपनाएगी। बरहाल, चलिए हम आपको सिग्नल ऐप के बारे में कुछ जरुरी बाते बताते हैं।
सिग्नल का मतलब 'Say Hello to Privacy'
व्हाट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी का कहना है कि वो यूज़र्स का निजी डेटा का इस्तेमाल अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए उपयोग करेगी। वहीं व्हाट्सऐप के सबसे बड़े विकल्प Signal App का टैगलाइन ही है 'Say Hello to Privacy'. ऐसे में यह तो निश्चित है कि इस ऐप के जरिए यूज़र्स को प्राइवेसी का गारंटी मिलेगी, जो किसी भी यूज़र्स के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है।
सिग्नल ऐप के फीचर्स
Signal भी व्हाट्सऐप की तरह ही एक मैसेजिंग ऐप है। इस ऐप को भी आप एंड्रॉयड डिवाइस के साथ-साथ आईओएस यानि एप्पल डिवाइस, मैक और विंडो डिवाइस में भी यूज़ कर सकते हैं।
इस ऐप को बनाने वाली कंपनी का नाम Signal Foundation है। यह एक नॉन प्रॉफिट कंपनी है। इस ऐप को बनाने वाले इंसान का नाम मॉक्सी मार्लिनस्पाइक (Moxie Marlinspike) है। यह अमेरिका के रहने वाले एक क्रिप्टोग्राफर हैं, लिहाजा सिग्नल ऐप भी एक अमेरिकन ऐप ही है। इस ऐप की नींव को 2013 में रखी गई थी लेकिन इसका निर्माण 10 जनवरी 2018 को किया गया था।
सिग्नल ऐप के ग्रुप में 150 लोगों को जोड़ने की अनुमति
सिग्नल ऐप के फीचर्स लगभग व्हाट्सऐप जैसे ही है। इस ऐप के जरिए भी आप किसी के साथ भी चैटिंग करने के साथ फोटो और वीडियो को सेंड कर सकते हैं या रिसीव कर सकते हैं। इसके अलावा इस ऐप के जरिए भी आप ऑडियो और वीडियो कॉलिंग कर सकते हैं।
इस ऐप में भी आप व्हाट्सऐप की तरह ग्रुप बना सकते हैं लेकिन इस ऐप में एक ग्रुप में अधिकतम 150 लोगों को ही एड करने की सुविधा है। हालांकि अब ऐसा हो सकता है कि सिग्नल कंपनी एक ग्रुप में 150 से ज्यादा लोगों को एड करने की अनुमति दे।
Delete For Everyone फीचर
इस ऐप के जरिए आप सीधे किसी भी व्यक्ति को किसी ग्रुप में एड नहीं कर पाएंगे। आप जिस व्यक्ति को ग्रुप में एड करने के लिए प्रोसेस करेंगे, तो पहले उसके बाद एक नोटिफिकेशन जाएगा और फिर अगर वो चाहेंगे यानि एप्रुव करेंगे तभी आप उन्हें अपने ग्रुप में एड कर पाएंगे। इस ऐप के जरिए आप ग्रुप के किसी भी चैट को Delete For Everyone फीचर के जरिए सभी के डिलीट कर सकते हैं।
Signal की सिक्योरिटी
अब इस ऐप की सिक्योटी की बात करते हैं, जो इस वक्त सबसे जरूरी है। सिग्नल ऐप की सिक्योरिटी की तारीफ कोई और नहीं बल्कि खुद व्हाट्सऐप के ही को-फाउंडर कर ब्रायन एक्टन भी कर चुके हैं। 2017 में ब्रायन ने व्हाट्सऐप को अलविदा कहा था और सिग्नल ऐप में 59 मिलियन डॉलर की फंडिंग दी थी। उसी दौरान व्हाट्सऐप के को-फाउंडर ने खुद सिग्नल ऐप के सिक्योरिटी की काफी तारीफ की थी।
व्हाट्सऐप से कितनी ज्यादा सुरक्षित प्राइवेसी
असल में सिग्नल व्हाट्सऐप से कहीं ज्यादा सुरक्षित है क्योंकि व्हाट्सऐप आपको अपने ऐप को यूज़ करने के लिए यूज़र्स से उनकी 16 तरह की जानकारी स्टोर करता है। वहीं सिग्नल सिर्फ यूज़र्स का मोबाइल नंबर स्टोर करती है क्योंकि उसी के जरिए यूज़र्स का सिग्लन अकाउंट चलता है।
वहीं व्हाट्सऐप सिर्फ मैसेज और कॉल को एंड टू एंड एंक्रिप्टेड करती है जबकि सिंग्नल ऐप मेटा डाटा भी एंड टू एंड एंक्रिप्टेड करता है यानि ना सिर्फ यूज़र्स मैसेज और कॉल बल्कि उनका निजी डेटा भी एंड टू एंड एंक्रिप्टेड होता है।
टेलीग्राम के बारे में काफी बातें की जा रही है बहुत सारे लोगों ने उस ऐप को भी डाउनलोड किया है लेकिन सिग्नल ऐप ने सिक्योरिटी और परमिशन के लिहाज से टेलीग्राम समेत बाकी सभी विकल्पों को पीछे छोड़ दिया है।


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