आईआईटी स्टूडेंटस द्वारा बनाए गए 10 ऐसे अविष्कार जो हमारी जिंदगी बदल सकते हैं
आईआईटी का नाम पूरी दुनिया में जाना जाता है, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट से लेकर कई बड़ी कंपनियों के ऑफर पढ़ाई खत्म करने से पहले ही स्टूडेंट्स आते रहते हैं। आईआईटी इंजीनियर्स के बारे में कहा जाता है वे हर काम अलग ढंग से करते हैं, यहां पर हम आपको कुछ ऐसे ही अविष्कारों के बारे में बताने जा रहे हैं जो आईआईटी स्टूडेंट्स द्वारा किए गए हैं।
पढ़ें: टिप्स जो आपके स्मार्टफोन को बनाएंगे बेहतर कैमरा..!!
ये सभी अविष्कार हमारी रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने में काफी मदद कर सकते हैं। जो आईए जानते हैं ऐसे 10 अविष्कारों के बारे में और बात करते हैं उनको बनाने वाले इंजीनयरों की,
1. TrueHb Hemometer
नाम- अंबर श्रीवास्तव
आईआईटी दिल्ली
भारत में खून की कमी के कारण एनीमिया के रोगी हर साल बढ़ रहे हैं, हीमोग्लोबिन टेस्ट एक ऐसा ही टेस्ट है जिससे शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा पता लगाई जा सकती है। एनीमिया रोगी के शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा पता करने के लिए वैसे तो हर जगह टेस्ट हो जाता है लेकिन आईआईटी दिल्ली के छात्र अंबर श्रीवास्तव ने एक छाटा सा यंत्र बनाया है जिससे घर में ही ये टेस्ट किया जा सकता है। साइज में एक छोटे मोबाइल जितना है। साथ में इसे इंडिएन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस ने एप्रूव भी किया है।
2. Portable house for construction workers
नाम- दीप खरे, निहार कोटक, सुमित देशमुख
आईआईटी गांधीनगर
कामगारों को काम करते समय ऐसे घरों में रहना पड़ता है जिसमें न तो रहने लायक जगह होती है और नहीं पर्याप्त सुरक्षा, दीप खरे, निहार कोटक, सुमित देशमुख ने इस समस्या से निपटने के लिए पोर्टेबल हाउस तैयार किए है जिन्हें आसानी से कम समय में बनाया जा सकता है और कहीं भी शिफ्ट किया जा सकता है। इसके रहने लायक पर्याप्त जगह और रोशनी का भी इंतजाम है।
3. A dual pin stapler
नाम- सुयश पाटकर, सोरभ गर्ग, स्पंदन दास
आईआईटी गांधीनगर
आईआईटी गांधीनगर में पढ़ने वाले इन छात्रों से साधारण स्टेप्लर को मॉडीफाई करके ड्युल पिन स्टेप्लर बनाया है जिसमें छोटी और बड़ी दोनों तरह की पिन लग सकती हैं यानी इससे आप 2इन 1 स्टेप्लर की तरह काम ले सकते हैं।
4. Google News
नाम- क्रिशना भारत
आईआईटी मद्रास
गूगल न्यूज को बनाने का श्रेय Krishna Bharat को जाता है जो बैंगलोर के रहने वाले हैं, 11 सिंतबर को हुए हमले के बाद उन्होंने इसे बनाया था जो ऑटोमेटिक्ली 25000 वेबसाइटों को संग्रहित करता है साथ ही ये 25 भाषाओं में उपलब्ध है।
5. SmartCane
नाम- रोहन पॉल
आईआईटी दिल्ली स्कॉलर
रोहन द्वारा बनाई गई छड़ी साधारण छड़ी से काफी अलग हैं, नेत्रहीनों द्वारा प्रयोग की जाने वाली साधारण छड़ी से सिर्फ सामने की उन्हीं चीजों को पहचाना जा सकता है जो छड़ी में अटके लेकिन बाइक, पेड़ों की डाल जैसी दूसरी कई चीजें हैं तो साधारण छड़ नहीं पहचान सकती। रोहन द्वारा बनाई गई स्मार्टकेन में 3 मीटर के दायरे में आने वाले सभी अवरोध को पहचाने की क्षमता है साथ ही ये सड़क या फिर जमीन पर आधे या फिर एक मीटर के दायरे में वाली वस्तु को भी ये स्मार्टकेन पहचान सकती है।
6. Advanced Breathalyzer Helmet
नाम- शुभम जैसवाल, रिशभ बबले, नमन सिंघल
आईआईटी बीएचयू
ये स्मार्टहेलमेट पहनने वाले शख्स की सांस को डिटेक्ट करके ये पता लगाता है कि उसमें अलकोहल की मात्रा कितनी है, अगर अल्कोहल तय मात्रा से अधिक है तो आपकी बाइक स्टार्ट नहीं होगी। हेलमेट सिगनल की मदद से बाइक से कनेक्ट रहता है।
7. Re-writeable t-shirts
नाम- आयुश जेन और मिरिक गोगरी
आईआईटी बॉम्बे
अलग-अलग कोट्स वाली टीशर्ट लेने से अच्छा है रीराइटेबल टीशर्ट लेना जिसमें रोज आप बदल-बदल कर अपनी पसंद के कोट्स लिख सकते हैं।
8. Netra- Drone
नाम- अंकित मेहता, आशीष बट्ट, राहुल सिंह, विपुल जोशी और अमरदीप सिंह
आईआईटी बॉम्बे
3 इंडीयट्स तो आप सबने देखी होगी उसमें दिखाया गया ड्रोन आपको याद है, आईआईटी बॉम्बे के छात्रों ने भी कुछ ऐसा ही ड्रोन बनाया है जो बाढ़ आपदा जैसी स्थितियों में सेना की काफी मदद कर सकता है।
9. Matsya
नाम- आईआईटी बॉम्बे के 20 स्टूडेंट्स की एक टीम ने बनाया
मतस्य नाम की ये डिवाइस राहत कायों के अलावा मरीन रिसर्च, नेविगेशन और कई तरीके रेस्क्यू ऑपरेशन में काम आती है। सेन डिएगो में होने वाले इंटरनेशनल ऑटोनॉमस अंडरवॉटर रोबोटिक्स कंप्टीशन के सेमीफाइनल राउंड में मतस्य को शामिल किया गया था।
10. SAFER
आईआईटी दिल्ली
सेफर मूसीबत पड़ने पर आपके परिवार वालों और दोस्तों को इसकी जानकारी देती है, इसके सिगनल मल्टीपल टॉवर की मदद से आपकी लोकेशन की जानकारी परिवार वालों तक पहुंचाते हैं।


Click it and Unblock the Notifications







