महंगाई का शॉक: स्मार्टफोन खरीदना होगा महंगा, 6000 रुपये तक बढ़ सकते हैं दाम
अगर आप थोड़े दिन रुककर नया स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए खतरे की घंटी है। त्योहारी सीजन की सेल खत्म होते ही भारतीय बाजार में स्मार्टफोन की कीमतों में अचानक उछाल आया है। जो फोन कल तक आपके बजट में था, आज उसके लिए आपको 2,000 रुपये से लेकर 6,000 रुपये तक ज्यादा चुकाने पड़ सकते हैं।
चिप की कमी और गिरते रुपये ने कंपनियों को दाम बढ़ाने पर मजबूर कर दिया है। जानिए, आखिर क्यों टेक्नोलॉजी अचानक इतनी महंगी हो गई है और आपको तुरंत फैसला क्यों लेना चाहिए।
क्यों लगी कीमतों में आग?
स्मार्टफोन के दाम बढ़ने के पीछे सबसे बड़ा खलनायक मेमोरी चिप की कीमतें हैं।
AI का असर: दुनियाभर में AI का बोलबाला है। डेटा सेंटर्स के लिए हाई-पावर चिप्स की मांग बढ़ गई है।
सप्लाई चेन का खेल: सैमसंग और माइक्रोन जैसी दिग्गज कंपनियां अब महंगे AI चिप्स बनाने में व्यस्त हैं, जिससे आम स्मार्टफोन और लैपटॉप के लिए मेमोरी चिप्स की सप्लाई कम हो गई है।
60% तक बढ़ोतरी
रिपोर्ट के मुताबिक, सैमसंग ने मेमोरी चिप्स के दाम 60% तक बढ़ा दिए हैं। इसका सीधा असर फोन की लागत पर पड़ा है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले कमजोर रुपया भी आग में घी का काम कर रहा है।
इन पॉपुलर फोन्स के दाम चुपके से बढ़े
हाल ही में लॉन्च हुए कई फोन्स की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो इस ट्रेंड की पुष्टि करती है।
- iQOO Neo 10: कीमत में ₹3,000 की बढ़ोतरी
- OPPO Reno 14 Pro: कीमत में ₹3,000 की बढ़ोतरी
- iQOO Z10: कीमत में ₹1,000 का इजाफा
इसके अलावा Realme 15T और Vivo T4 जैसे मॉडल्स भी इस महंगाई की चपेट में हैं। आने वाले प्रीमियम फ्लैगशिप फोन्स तो उम्मीद से 6,000 रुपये तक महंगे लॉन्च हो सकते हैं।
बजट फोन पर सबसे बड़ी मार
भारत में बिकने वाले 60% फोन बजट कैटेगरी के होते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा नुकसान इसी वर्ग को होने वाला है। एक सस्ते फोन या लैपटॉप की लागत का 15% हिस्सा सिर्फ मेमोरी चिप का होता है। कंपनियों के पास इन फोन्स में मुनाफा बहुत कम होता है, इसलिए वे बढ़ी हुई लागत को खुद नहीं झेल सकतीं।


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