6 मिनट में चार्ज होगी स्‍मार्टफोन की बैटरी

Written By: Staff

आज स्मार्टफोन यूजर्स की सबसे बड़ी समस्या है कि मोबाईल की बैटरी बहुत ही जल्दी डिस्चार्ज हो जाती है और साथ ही बैटरी को चार्ज करने के लिए घंटों लगाना पड़ता है। प्रायः विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी स्क्रीन, मल्टी-टास्किंग और इंटरनेट के अधिक उपयोग से बैटरी अधिक समय तक नहीं चल पाती।

6 मिनट में चार्ज होगी स्‍मार्टफोन की बैटरी

अगर आपकी भी यही समस्या है तो आपके लिए खुशखबरी है चूंकि अब वैज्ञानिकों ने एक नई तरह की बैटरी बनाने में सफलता प्राप्त कर ली है जोकि मात्र 6 मिनट में चार्ज हो जाएगी साथ ही बैटरी का बैकअप भी बहुत ही शानदार होगा। साथ ही यह इस समय उपयोग में आने वाली बैटरियों की तुलना में देरी से डिस्चार्ज भी होती हैं। ‘यॉर्क एंड सेल' तकनीक द्वारा रिचार्जेबल लिथियम आयन बैटरी में एल्युमीनियम का उपयोग करके पिछले अनुभव के आधार पर आने वाली समस्याओं पर काबू पाया गया है।

6 मिनट में चार्ज होगी स्‍मार्टफोन की बैटरी

आपको बता दें कि बीजिंग में शोध के बाद एक नई बैटरी बनाई गई है जिसे अमेरिका की मैसाचुसेट्स इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी और बीजिंग की सिंगुआ यूनिवर्सिटी के शोधार्थियों ने मिलकर किया है। इसके निर्माण में टाइटेनियम डायऑक्‍साइड के शेल्‍स को नैनोपार्टिकल्‍स से भरने के बाद उसे एल्युमिनियम से लपेटा गया है। इससे यह बैटरी के नेगेटिव इलेक्‍ट्रोड की तरह काम करने लगता है। एल्युमिनियम से भरी हुई कैप्‍सूल से बनी यह बैटरी केवल 6 मिनट में आपके स्मार्टफोन की बैटरी को फुल चार्ज कर देगी।

कंपनी की मानें तो इसमें लिथियम बैटरी की तुलना में चार गुना अधिक क्षमता होगी। इस शोध को एल्युमिनियम में पुरानी लिथियम बैटरी को रखकर किया गया था। इसके बाद यह नतीजा निकला कि एल्युमिनियम एक हाई कैपेसिटी का मटेरियल है, परंतु ये चार्जिंग तथा डिस्चार्जिंग के साथ ही सिकुड़ता भी है। आपको बताते चले कि इससे पहले भी वैज्ञानिकों द्वारा लिथियम आयन बैटरियों में एल्युमिनियम का उपयोग किया था, परंतु यह सफल नहीं हुआ। इस रिसर्च नतीजों को नेचर जर्नल कम्‍युनिकेशंस में प्रकाशित भी किया गया है।

ब्रिटिश पावर टेक्नोलॉजी कंपनी द्वारा तैयार हाइड्रोजन पावर बैटरी में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के कॉम्बिनेशन वाले छोटे तथा पतले फ्यूल सेल दिए हैं। कंपनी का दावा है कि यह बैटरी पूरे हफ्ते तक भी बैटरी बैकअप दे सकती है। कंपनी के सी.ई.ओ. हेनरी विनएंड ने एक समाचार पत्र को बताया है कि अभी तक हमसे पहले इस तरह का काम किसी ने भी नहीं किया। मोबाईल में उपयोग बैटरी की लाइफ यद्यपि एक दिन की ही होगी, किंतु जब चार्जिंग की आवश्यकता होगी तो हाइड्रोजन गैस को हेडफोन जैक से बैटरी में डाला जा सकेगा।

English summary
Smartphones could be charged in less than one minute after scientists at Stanford University invented an aluminium battery so powerful it could revolutionise the industry.
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