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अब ट्रैफिक पुलिस के चालान से बचाएगा डिजिटल लॉकर !

By Neha

चैकिंग कै दौरान ट्रैफिक पुलिस के सामने गाड़ी के डॉक्यूमेंट का मौजूद न होना कितना परेशानी भर होता है, ये सभी गाड़ी चालक समझते हैं। ऐसे में आपको चालान भरना होता है, लेकिन अब आपके लिए एक अच्छी खबर है। नए नियम के मुताबिक, गाड़ी चालक को अपने साथ में डॉक्यूमेंट की हार्डकॉपी रखना जरूरी नहीं होगा। हालांकि तब आपके पास डिजिटल लॉकर और उसमें उन डॉक्यूमेंट की सॉफ्ट कॉपी होना जरूरी है। यहां से ही ट्रैफिक पुलिस आपके ड्राइविंग लाइसेंस को वैरिफाई कर लेगी।

अब ट्रैफिक पुलिस के चालान से बचाएगा डिजिटल लॉकर !

हार्डकॉपी लाइसेंस रखना नहीं होगा जरूरी-

हार्डकॉपी लाइसेंस रखना नहीं होगा जरूरी-

बता दें सरकार ने अब अपने साथ लाइसेंस की हार्ड कॉपी रखने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। आप इसके लिए सॉफ्ट कापी दिखाकर काम चला सकते हैं, लेकिन ये सॉफ्ट कॉपी आपके डिजिटल लॉकर में होनी चाहिए।

क्या है डिजिटल लॉकर-

क्या है डिजिटल लॉकर-

डिजिटल लॉकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का अहम हिस्सा है। इसमें अकाउंट बनाकर यूजर्स अपना जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र जैसे अहम दस्तावेजों को ऑनलाइन स्टोर कर सकते हैं। ये गूगल ड्राइव की तरह ही है। हालांकि ये स्वदेसी है और पुलिस के सामने डिजिटल लॉकर में सॉफ्टकॉपी मान्य होगी। डिजिटल लॉकर में ई-साइन की सुविधा भी है, जिसका उपयोग डिजिटल रूप से हस्ताक्षर करने के लिए किया जा सकता है।

क्यों है डिजिटल लॉकर की जरूरत-

क्यों है डिजिटल लॉकर की जरूरत-

डिजिटल लॉकर पेश करने के पीछे सरकार का उद्देश्य भौतिक दस्तावेजों के उपयोग को कम करना और एजेंसियों के बीच में ई-दस्तावेजों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। साथ ही इसके जरिए फर्जीवाड़े को रोका जा सकेगा। कुछ समय पहले ही सरकार की तरफ से बयान आया था कि 30 फीसदी ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी हैं। डिजिटल लॉकर के जरिए इन पर लगाम लग सकेगी क्योंकि इस पर अकाउंट बनाने के लिए आपको आधार कार्ड की जरूरत होती है।

कैसे बनाएं डिजिटल लॉकर-

कैसे बनाएं डिजिटल लॉकर-

डिजिटल लॉकर या डिजिलॉकर बनाने के लिए https://digitallocker.gov.in पर अपना अकाउंट बनाएं। इसके लिए आपको अपने आधार कार्ड नंबर की जरूरत होगी। साइट पर साइनअप करने के लिए आधार नंबर मांगा जाएगा और दो विकल्प यूजर के वैरिफिकेशन के लिए उपलब्ध होंगे। पहला ओटीपी यानी वन टाइम पासवर्ड जिस पर क्लिक करते ही आपको आधार कार्ड में दिए गए मोबाइल नंबर पर ये पासवर्ड आ जाएगा। यदि आप दूसरा विकल्प यानी अंगूठे का निशान चुनते हैं, तो एक पेज खुलेगा जहां आपको उंगलियों के निशान पर अपने अंगूठे का निशान लगाना होगा। अगर निशान वैध है तभी यूजर का वैरिफिकेशन हो पाएगा और इसके बाद आप अपना यूजर नेम और पासवर्ड क्रिएट कर पाएंगे।

शेयर कर सकेंगे डॉक्यूमेंट-

शेयर कर सकेंगे डॉक्यूमेंट-

लॉकर में आप जो भी डॉक्यूमेंट अपलोड करते हैं या विभिन्न एजेंसियां आपको जो कागजात जारी करती हैं उनके सामने शेयर का विकल्प दिया हुआ होगा। जैसे ही आप शेयर करें पर क्लिक करेंगे एक डायलॉग बॉक्स खुलेगा। उस डायलॉग बॉक्स में आप जिस भी व्यक्ति या संस्था से वो कागजात शेयर करना चाहते हैं, उसका ईमेल आईडी डालेंगे और शेयर करें पर क्लिक करेंगे, तो संबंधित मेल आईडी पर उस कागजात का लिंक मेल हो जाएगा, जिसका वो उपयोग कर सकता है।

सभी फॉरमेट में सेव होंगी फाइल-

सभी फॉरमेट में सेव होंगी फाइल-

इस लॉकर में pdf, jpg, jpeg, png, bmp और gif फॉरमेट की फाइलें सेव की जा सकेंगी। अपलोड की जाने वाली फाइल का साइज 1 एमबी से ज्यादा नहीं होना चाहिए। फिलहाल प्रत्येक यूजर को 10 एमबी का स्पेस मिलेगा, जिसे बाद में बढ़ाकर 1 जीबी किया जाना प्रस्तावित है। डिजिटल लॉकर के जरिए सरकार का

 
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English summary
soft copy in digital locker is valid now. for more detail read in hindi.
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