जटिलता वाला काम बेहतर तरीके से करने वाले रोबोट चलने, बात करने या रोजमर्रा की चीजों को पहचानने में नाकाम रहते हैं। क्या होगा यदि रोबोट भी मनुष्यों के जैसा व्यवहार करने लगे तो? कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक न्यूरोटिक रोबोट पर काम कर रहे हैं जो मानवीय व्यवहारों की नकल कर सकेंगे। #13;पढ़ें: nbsp;अमेजन पर लांच होगा पहला 3डी स्मार्टफोन #13;कैलिफोर्निया विवि में संज्ञानात्मक विज्ञान के प्रोफेसर और अग्रणी अनुसंधानकर्ता जेफ क्रिचमान ने कहा, हम मानव मस्तिष्क के जैसा रोबोट का मस्तिष्क तैयार करने में जुटे हैं। इसे न्यूरो बायोलॉजिकल रोबोटिक्स कहा जाता है। #13;पढ़ें: nbsp;15,499 रुपए के इस वॉयस कॉल टैबलेट से टक् zwj;कर लेंगे ये 10 टैब #13;यहां अनुसंधानकर्ता अनोखे मानवीय या पाशविक क्षमताओं की तलाश कर रहे हैं जिनका अनुकरण, साफ्टवेयर में बदलाव और दोहराया जा सके ताकि रोबोट के काम को और बेहतर बनाया जा सके। अगर ऐसे रोबोट वैज्ञानिक बना लेते हैं तो वे न सिर्फ इंसानों जैसे अपना काम सटीक् zwj;ता पूर्वक कर सकेंगे बल् zwj;कि इंसानों की तुलना में ज् zwj;यादा देर तक काम कर सकेंगे।