जल्द आएगा एलन मस्क का Starlink इंटरनेट, जानें कीमत, स्पीड और कब होगा लॉन्च
Elon Musk की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी Starlink लंबे समय से भारत में एंट्री का इंतजार कर रही थी, और अब यह इंतजार लगभग खत्म होने वाला है। यूनियन कम्युनिकेशंस मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक इंटरव्यू में बताया कि कंपनी के सामने अब कुछ अंतिम औपचारिकताएं बची हैं।
इनमें SATCOM गेटवे की मंजूरी, पॉइंट ऑफ प्रेजेंस सेटअप, स्पेक्ट्रम हासिल करना और नेटवर्किंग उपकरणों का लाइसेंस शामिल हैं। इन प्रक्रियाओं के पूरे होते ही भारत में Starlink की सर्विस शुरू हो जाएगी।

कीमत और इंस्टॉलेशन चार्ज
पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Starlink के लिए ग्राहकों को ₹30,000 से ₹35,000 तक का इंस्टॉलेशन चार्ज देना पड़ सकता है। वहीं, मासिक प्लान ₹3,000 से ₹4,200 के बीच हो सकते हैं। कीमतें भले ही शहरी यूजर्स के लिए ज्यादा लगें, लेकिन ग्रामीण और दूर-दराज इलाकों के लिए यह इंटरनेट क्रांति साबित हो सकता है।
सरकारी नियम और सीमाएं
न्यायसंगत प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए सरकार ने Starlink के यूजर बेस को 20 लाख कनेक्शन तक सीमित किया है। कंपनी अपने हार्डवेयर की सप्लाई जियो और एयरटेल जैसे भारतीय टेलीकॉम पार्टनर्स के जरिए करेगी।
स्पीड और भविष्य की योजना
Starlink भारत में 25Mbps से 220Mbps तक की स्पीड दे सकता है, जो लोकेशन और सिग्नल क्वालिटी पर निर्भर करेगी। इसके अलावा, 2026 में कंपनी अपने नेक्स्ट-जेनरेशन सैटेलाइट लॉन्च करने की तैयारी कर रही है, जिससे प्रति सैटेलाइट 1,000 Gbps तक की स्पीड संभव होगी।
भारत में Starlink के आने से उन क्षेत्रों को सबसे अधिक फायदा होगा जहां अभी तक ब्रॉडबैंड या फाइबर इंटरनेट की पहुंच नहीं है। पहाड़ी, रेगिस्तानी और घने जंगलों वाले इलाके, जहां के लोग वर्षों से धीमे नेटवर्क या बिल्कुल इंटरनेट के बिना जी रहे हैं, अब हाई-स्पीड कनेक्टिविटी पा सकेंगे।
इससे ऑनलाइन एजुकेशन, टेलीमेडिसिन, ई-गवर्नेंस और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, शुरुआती लागत अधिक होने के कारण यह सर्विस फिलहाल सीमित लोगों के लिए उपलब्ध हो सकती है, लेकिन जैसे-जैसे तकनीक फैलेगी, कीमतों में कमी आने की संभावना है।


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