Starlink का इंतजार कितने दिन? जानिए कहां पहुंचा प्रोसेस और कितना होगा मंथली प्राइस
भारत में एलन मस्क की कंपनी SpaceX की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस Starlink को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। सरकार ने कंपनी को भारत में सेवाएं शुरू करने के लिए परमिट (Unified License) मंजूर कर दिया है।
इसके साथ ही घरेलू सुरक्षा नियमों का पालन करना Starlink के लिए अनिवार्य होगा। आइए जानते हैं पूरी डिटेल।

सरकार ने किन शर्तों पर दी मंजूरी?
केंद्रीय संचार राज्य मंत्री पेम्मसानी चंद्र शेखर ने बताया कि Starlink को तभी अनुमति दी गई है जब उसने भारत के सुरक्षा नियमों को मानने पर सहमति जताई। भारतीय डेटा को देश से बाहर कॉपी या डिक्रिप्ट नहीं किया जा सकेगा।
भारतीय यूजर ट्रैफिक किसी विदेशी सर्वर या सिस्टम पर मिरर नहीं किया जाएगा। कंपनी को भारत के अंदर ही Earth Station Gateway स्थापित करना होगा, ताकि सैटेलाइट और यूजर्स के बीच का सारा डेटा देश के भीतर ही रूट हो।
अभी बाकी है क्या प्रक्रिया?
दूरसंचार विभाग (DoT) ने Starlink को यूनिफाइड लाइसेंस जारी कर दिया है। स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट और उसकी कीमत तय करने को लेकर TRAI ने अपनी सिफारिशें 9 मई को दी थीं। अब अगला चरण स्पेक्ट्रम आवंटन और नेटवर्क सेटअप का है।
कब तक आएगी Starlink?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में Starlink की सर्विस 2025 के अंत से 2026 की शुरुआत के बीच शुरू होने की उम्मीद है। यानी अभी भी यूजर्स को कुछ महीनों का इंतजार करना होगा।
कितना होगा मंथली प्राइस?
Starlink किट (डिश, राउटर आदि) की कीमत करीब ₹30,000-35,000 होगी। मासिक सब्सक्रिप्शन शुल्क लगभग ₹3,000 प्रति माह रहने की संभावना है। कुछ रिपोर्ट्स का कहना है कि शुरुआती ऑफर में ग्रामीण और दूरदराज इलाकों के लिए ₹850 प्रति माह तक के सस्ते प्लान भी लॉन्च हो सकते हैं।
Starlink से क्या होगा फायदा?
Starlink का मकसद उन इलाकों तक तेज़ इंटरनेट पहुँचाना है, जहां ब्रॉडबैंड या फाइबर सेवाएं नहीं पहुँच पातीं। गांवों और दूरदराज क्षेत्रों के छात्रों, किसानों और छोटे कारोबारियों को इसका सबसे ज्यादा फायदा होगा।
यह नई सर्विस देश में रोजगार भी बढ़ाएगी क्योंकि इसके लिए नेटवर्क की स्थापना, संचालन और रखरखाव में स्थानीय लोगों को शामिल किया जाएगा।


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