इंटर्नशिप करने आए छात्रों से आईफोन बनवा रहा है ऐपल : रिपोर्ट
ये साल ऐपल के लिए बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता है। नेक्स्ट जनरेशन के आईफोन के लॉन्च के बाद से ही ऐपल विवादों में रहा है। कभी फोन के फीचर्स तो कभी कॉपीराइट को लेकर आईफोन विवादों में रहा। इस दौरान आईफोन की बैटरी फूलने के मामले भी सामने आए। अब एक बार फिर ऐपल विवादों में है। ऐपल पर इस बार आरोप लगा है कि आईफोन की मांग को पूरा कराने के लिए ऐपल कंपनी ने इंटर्न कराने आए छात्रों से आईफोन को असेंबलिंग का काम ले रहा है। रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया है कि इसके लिए छात्रों से ओवर टाइम कराया जा रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया कि ग्रेजुएट होने के लिए छात्रों को वर्क एक्सपीरियंस की जरूरत होती है, जिसके लिए उन्हें तीन महीने तक इंटर्नशिप करनी होती है। फॉक्सकॉन में इंटर्नशिप कर रही स्टूडेंट यांग ने बताया कि वह एक दिन में 1200 आईफोन एक्स का कैमरा एसेंबल कर रही हैं। रिपोर्ट में कहा गया, "इस काम का हमारी पढ़ाई से कोई लेनादेना नहीं है। हमें हमारे स्कूल ने यहां काम करने के लिए मजबूर किया है।"
रिपोर्ट में आगे कहा गया कि ऐपल ने स्टूडेंट के ओवर टाइम की बात स्वीकार की है, लेकिन कंपनी का कहना है कि स्टूडेंट अपनी इच्छा से काम कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, "एप्पल और फॉक्सकॉन को यह जानकारी है कि विद्यार्थी इटर्न ओवरटाइम काम कर रहे हैं और उन्होंने कहा है कि वे इसे ठीक करेंगे। लेकिन दोनों कंपनियों का कहना है कि विद्यार्थी स्वेच्छा से काम कर रहे हैं।"
द गार्जियन की रिपोर्ट में न्यूयार्क की गैरलाभकारी संस्था चायना लेबर वॉच के कार्यकारी निदेशक ली कियांग के हवाले से बताया गया, "जब एप्पल के उत्पादन की मांग होती है, तो एप्पल पूरी तरह से उन श्रमिक मानकों को नजरअंदाज कर देता है जो उन्होंने निर्धारित किया है। एप्पल फैक्ट्रियों को कर्मियों से ओवरटाइम काम कराने की अनुमति दे देता है। और विद्यार्थी कर्मियों को रात की शिफ्ट में काम कराने तथा ओवरटाइम काम कराने की छूट दे देता है।"


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