टेक सेक्टर ने की Union Budget 2024 की सराहना: डिजिटल इंडिया की ओर बताया एक महत्वपूर्ण कदम
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत Union Budget 2024 को भारत के टेक्नोलॉजी क्षेत्र के नेताओं से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। स्किल डेवलपमेंट, MSME के लिए सपोर्ट और मोबाइल टेक्नोलॉजी के लिए सीमा शुल्क में कमी पर बजट के फोकस की व्यापक रूप से प्रशंसा की गई है।
उद्योग जगत के नेता इन उपायों में नवाचार को बढ़ावा देने, मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और भारत को ग्लोबल डिजिटल रिवोल्युशन में सबसे आगे रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानते हैं।

itel India: एम्ब्रैसिंग और इनोवेशन को अपनाना
itel India के सीईओ श्री अरिजीत तालापात्रा ने कहा है कि हम केंद्रीय बजट के लिए सरकार की प्रशंसा करते हैं और मोबाइल टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए मजबूत समर्थन से उत्साहित हैं। पिछले कुछ सालों में घरेलू उत्पादन में 3 गुना बढ़ोत्तरी और निर्यात में 100 गुना वृद्धि के साथ भारतीय मोबाइल फोन इंडस्ट्री ने कई सारे बदलावों को देखा है। यह बदलाव स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि भारत में मोबाइल इंडस्ट्री पिछले कुछ सालों में कैसे परिपक्व हुआ है और BCD में 15% की कमी करना सही दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) मोबाइल PCBA में 15% की कमी से ना केवल हमारे उपभोक्ताओं के लिए वहनीयता बढ़ेगी, बल्कि इस क्षेत्र में नवाचार को भी बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। यह कमी ग्लोबल लेवल पर हमारे उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मका को भी बढ़ाएगी, जिससे हम अधिक सुलभ मूल्य बिंदुओं पर कटिंग ऐज टेक्नोलॉजी प्रोवाइड करने में सक्षम होंगे।
यह आवश्यक है कि हम टेक्नोलॉजी सेक्टर के विकास के लिए अनुकूल वातावरण बनाएं और यह सुनिश्चित करें कि भारत डिजिटल क्रांति में सबसे आगे रहे। साथ ही सरकार का यह कदम आगे निवेश की संभावनाओं में वृद्धि करेगा। दूसरी तरफ लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगा और हमारे देश की आर्थिक समृद्धि में भी योगदान देगा।
BenQ India: टेक्नोलॉजी के माध्यम से शिक्षा को सशक्त बनाना
BenQ India और दक्षिण एशिया के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री राजीव सिंह ने बताया है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 23 जुलाई को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2024 ने भारत के टेक्नोलॉजी लैंडस्केप को मजबूत करते हुए आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक रणनीतिक दृष्टिकोण को अपनाया है। हब-एंड-स्पोक मॉडल के माध्यम से 1,000 इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट (IIT) के प्लान अपग्रेड के साथ ही उद्योग की जरूरतों के लिए कोर्स कंटेंट का अलाइनमेंट, कार्य क्षेत्र में योग्यता में आने वाले अंतर को दूर करने और छात्रों को विकसित होने वाले नौकरी बाजार के लिए तैयार करने की एक बेहतरीन रणनीति को पेश करता है। वहीं स्किल डेवलपमेंट और एजुकेशन पर दिया जाने वाला ध्यान आगे बढ़ते कार्य क्षेत्रों के साथ ही इंटरैक्टिव टेक्नोल़ॉजी कंपनियों के लिए भी काफी अच्छा साबित हो सकता है।
एजुकेशन इंस्टिट्यूट के लिए इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल और अन्य तकनीकी समाधान प्रदान करने वाली डिस्प्ले और इंटरैक्टिव टेक कंपनियों के लिए यह बजट महत्वपूर्ण अवसरों की पेशकश करता है। ITI को अपग्रेड करने और स्किल डेवलपमेंट विकास को बढ़ाने पर ध्यान टेक्नोलॉजी के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्रों में होने वाली उन्नति का समर्थन करने के मिशन के साथ आगे बढ़ेगा।
इन अपग्रेडेड इंस्टिट्यूट में इंटरैक्टिव लर्निंग टूल्स को इंटिग्रेट करके, टेक कंपनियां एक आकर्षक और प्रभावी शिक्षण वातावरण को तैयार करने में अपना योगदान दे सकती है, जो कि कौशल अधिग्रहण को बढ़ावा देता है और छात्रों को भविष्य में आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार करता है।
Amazfit: MSME और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना
भारत में HTeck के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर और पीआर इनोवेशन्स एंड PSAV ग्लोबल के सीईओ सीपी खंडेवाल ने Amazfit और Honor की स्थापना की है। उन्होंने कहा कि हम केंद्रीय बजट पर सरकार को बधाई देते हैं और MSME एवं मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए मजबूत समर्थन देखकर काफी उत्साहित हैं। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में MSME के लिए 1000 करोड़ रुपये तक की कवरेज वाली क्रेडिट गारंटी स्कीम एक गेम-चेंजर प्लान है। यह पहल इनोवेशन और डेवलपमेंट को बढ़ावा देगी, घरेलू उद्योग में महत्वपूर्ण समर्थन देगी और वैश्विक निर्माण में भारत की स्थिति को ऊपर उठाने में भरपूर सहयोग देगी।
मोबाइल फोन, PCB और चार्जर पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को घटाकर 15% करने का सरकार का निर्णय हमारे टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। यह रणनीतिक कदम हाल ही के वर्षों में भारतीय मोबाइल इंडस्ट्री की महत्वपूर्ण परिपक्वता को मान्यता देता है और वैश्विक मूल्य श्रंखलाओं को हमारे तटों पर आकर्षित करने के लिए तैयार करता है, जिससे बड़े पैमाने पर विनिर्माण संचालन सक्षम होगा।
ये उपाय सामूहिक रूप से एक अधिक लचीला और अभिनव पारिस्थितिकी तंत्र सुनिश्चित करते हैं, जिससे उद्योग और उपभोक्ता दोनों को लाभ होगा। इस बजट ना केवल वर्तमान चुनौतियों का समाधान किया है, बल्कि आने वाले सालों में एक समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के लिए आधारशिला भी रखी है।
वर्कफॉर्स स्किल और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट
फाउंडर और सीईओ श्रीविद्या ने बजट 2024 पर टिप्पणी करते हुए कहा कि विकसित भारत के लिए डिटेल्स रोडमैप में बजट ने केंद्र प्रायोजित योजनाओं के माध्यम से वर्कफॉर्स (कार्यबल) को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करने की तत्काल आवश्यकता पर अपना जोर दिया है। सरकार का लक्ष्य आने वाले 5 सालों में लगभग 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार की पेशकश करना है, जिसके लिए वित्त मंत्री द्वारा 2 लाख करोड़ के आवंटन की घोषणा की गई है।
इसके अलावा हमारे नागरिकों को अधिक कुशल बनाने के लिए 1.48 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है। इस पहल का लक्ष्य अगले 5 सालों में 20 लाख युवाओं को कुशल बनाना है, जिसमें उद्योग कौशल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 1,000 इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट्स को अपग्रेड किया जा रहा है। ये निवेश वर्कफॉर्स को इंडस्ट्री के लिए तैयार और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धात्मक बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता (कमिटमेंट) को दर्शाता है।
इन प्रयासों को प्राइवेट सेक्टर द्वारा विकसित करने में योगदान दिया जाएगा, जो कि महत्वपूर्ण इंटरनशिप के अवसर प्रदान करेगा। टॉप 500 फर्मों में इंटरनशिप प्राप्त करने के लिए 1 करोड़ युवाओं की घोषणा का उद्देश्य वर्कफॉर्स को विकसित करने के लिए आवश्यक वास्तविक दुनिया का अनुभव और कॉरपोरेट एक्सपोजर प्रदान करना है। साथ ही जनरेटिव AI जैसी उभरती हुई टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में बदलाव लेकर आ रही हैं और यह पहल नौकरी की आवश्यकताओं और कौशल के बीच के अंतर को कम करने में मदद करेगी।
फाइनेंस मिनिस्टर ने व्यापार करने में आसानी को बढ़ाने, डेटा और स्टेटिकल रिकॉर्ड में सुधार करने और एक सही निर्णय लेने में सक्षम बनाने के लिए टेक्नोलॉजी को अपनाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला है। एक सक्षमकर्ता के रूप में टेक्नोलॉजी की राह पर यह ध्यान हमारे वर्कफॉर्स की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए तैयार है, जिससे वे तैजी से ग्लोबल मार्केट में होने वाले परिवर्तनों के लिए अधिक अनुकूल बन सकें। स्किल और टेक्नोलॉजी को अपनाने की प्राथमिकता पर जोर देकर सरकार अर्थव्यवस्था की उत्पादन क्षमताओं को बढ़ावा देना चाहती है।
डिजिटल इंडिया का विजन हमारी विकास की कहानी को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। साथ ही यह सुनिश्चित करते हुए कि हमारा कार्यबल प्रतिस्पर्धी बना रहे और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहे। इतना ही नहीं यह इनोवेटिव एप्रोच इकोनॉमिक ग्रोथ को गति देगा और यह तय करेगा कि हमारे युवा देश के विकास में भी अपना उचित और महत्वपूर्ण योगदान दें।
Conclusion
निष्कर्ष के तौर पर देखा जाए तो केंद्रीय बजट 2024 को टेक्नोलॉजी सेक्टर से व्यापक स्वीकृति मिली है। उद्योग के विभिन्न क्षेत्रों के नेताओं ने स्किल डेवलपमेंट, MSME के लिए समर्थन और मैन्युफैक्चरिंग एवं इनोवेशन को बढ़ावा देने की पहल पर सरकार द्वारा दिए गए ध्यान की प्रशंसा की है। जैसा कि भारत एक ग्लोबल टेक पावरहाउस बनने की दिशा में अपनी यात्रा जारी रखता है, इसलिए सरकार द्वारा पेश किए इन बजट उपायो को सही दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।


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