टेक्नो मोबाइल भारत में 18 जनवरी को लांच करेगा 'एज टू एज' डिसप्ले वाला स्मार्टफोन
टेलिकॉम कमीशन ने मंगलवार को स्पेक्ट्रम होल्डिंग लिमिट बढ़ाए जाने की ट्राई की सिफारिशों को मंजूरी दे दी। इससे दिक्कतों से जूझ रही कंपनियों को सेक्टर से बाहर निकलने का रास्ता आसान हो जाएगा।

पिछले साल नवंबर में ट्राई ने एक विशेष बैंड के भीतर मोबाइल आपरेटर्स के लिए स्पेक्ट्रम सीमा हटाने का प्रस्ताव दिया था जबकि 700 मेगाहर्ट्ज और 800 मेगाहर्टज और 900 मेगाहर्टज जैसे इफिशिएंट बैड में कंबाइंड रेडियो वेब 50 प्रतिशत कैप लगाने का सुझाव दिया था।
ट्राई ने स्पेक्ट्रम होल्डिंग पर मौजूदा कैप 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत करने का भी सुझाव दिया है।
पहले ट्राई ने कहा था कि कुछ स्टेकहोल्डर इंट्राबैंड स्पेक्ट्रम कैप को हटाने के पक्ष में थे। वहीं दूसरी ओर कुछ स्टेक होल्डर ने इंट्राबैंड स्पेक्ट्रम कैप को बनाए रखने की वकालत की थी।

मौजूदा नियम के अनुसार कोई भी मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर एक क्षेत्र के लिए आवंटित स्पेक्ट्रम का 25 प्रतिशत तथा किसी विशेष बैंड के स्पेक्ट्रम के 50 प्रतिशत से ज्यादा नहीं रख सकता है।
अंतर मत्रालय समिति ने टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए लागू स्पेक्ट्रम कैप की समीक्षा की।
आईएमजी रिपोर्ट में टेलिकॉम अथॉरिटी ने 29 सितंबर, 2017 के अपने पत्र के जरिए ट्राई से स्पेक्ट्रम कैप पर सुझाव मांगा था। टेलीकॉम कमिशन ने नीलामी में खरीदे गए स्पेक्ट्रम के भुगतान के लिये समय अवधि मौजूदा 10 साल से बढ़ाकर 16 साल करने को भी मंजूरी दे दी है।


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