कॉल ड्रॉप पर जुर्माना 1 जनवरी से

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    भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने शुक्रवार को कहा कि एक जनवरी से मोबाइल फोन सेवा देने वाली कंपनी को प्रत्येक कॉल ड्रॉप के लिए अपने ग्राहकों को एक रुपया भुगतान करना होगा। इससे उद्योग जगत परेशान हो गया है और कानूनी राहत लेने पर विचार कर रहा है।

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    ट्राई द्वारा जारी की गई अधिसूचना में कहा गया है कि उपभोक्ताओं को हर कॉल ड्रॉप के लिए एक रुपया क्षतिपूर्ति के रूप में देय होगा। ऐसा हर रोज तीन बार होगा। जिसके बाद कंपनी को चार घंटे के अंदर ग्राहक को एक एसएमएस भेजना होगा। नियामक ने कहा, "कॉल ड्रॉप का मतलब यह है कि वायस कॉल संपर्क स्थापित हो जाने के बाद पूर्ण होने से पहले बाधित हो जाता है। समय से पहले कॉल बाधित होने का कारण सेवा प्रदाता कंपनी के नेटवर्क में है।

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    कॉल ड्रॉप पर जुर्माना 1 जनवरी से

    नियामक ने कहा कि उसने कंपनियों के प्रतिनिधित्व की समीक्षा की है, जिन्होंने खराब स्पेक्ट्रम आवंटन, टॉवर लगाने की दिक्कत जैसी समस्याओं का जिक्र किया है, जो उनके हाथ से बाहर है और जिनकी वजह से कॉल ड्रॉप होता है नियामक ने कहा कि इसी वजह से क्षतिपूर्ति व्यवस्था सरल रखी गई है।

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    पिछले ही दिन नियामक ने कंपनियों पर खराब सेवा के लिए जुर्माना राशि बढ़ाकर दोगुनी कर दी है। मानक के प्रथम उल्लंघन के लिए जुर्माना राशि अब 50 हजार रुपये से बढ़कर एक लाख रुपये कर दी गई है। नियामक ने साथ ही कहा कि लगातार दो या अधिक तिमाही मानक का उल्लंघन करने पर जुर्माना राशि डेढ़ लाख होगी।

    कॉल ड्रॉप पर जुर्माना 1 जनवरी से

    मानक पर खरा नहीं उतरने पर एयरटेल, रिलायंस और आईडिया के यदि सिर्फ 10 फीसदी ग्राहक हर रोह एक कॉल ड्रॉप का सामना करते हैं, तो इन कंपनियों को क्रमश: 2.3 करोड़ रुपये, 1.9 करोड़ रुपये और 80 लाख रुपये भुगतान करने पड़ सकते हैं।

    तीनों कंपनियों की ग्राहक संख्या क्रमश: 23.29 करोड़, 10.99 करोड़ और 8.33 करोड़ है। सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओआईए) ने कहा कि नियामक ने कॉल ड्रॉप के कारण को स्पष्ट नहीं किया है। सीओएआई के प्रमुख राजन मैथ्यूज ने कहा, "नियमों के मुताबिक कंपनियों को जिला मुख्यालय में 90 फीसदी कवरेज और प्रखंड स्तर पर 30 फीसदी कवरेज सुनिश्चित करनी होती है। भवनों में कवरेज की गारंटी देने वाला कोई नियम नहीं है।

    उन्होंने कहा, "हमारी प्राथमिकता ट्राई के साथ बातचीत से कॉल ड्रॉप नियमों पर स्पष्टीकरण लेने की है। यदि बातचीत का वाजिब निष्कर्ष नहीं निकलता, तो हम अपने हित की रक्षा के लिए वैधानिक कदम उठाएंगे।"

    English summary
    Mobile operators may challenge the order of telecom regulator Trai mandating a Re 1 penalty for a dropped call, saying the measure is a "wrong solution" and fails to factor in the difficulties they face in rollout of telecom infrastructure.
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