टेलिकॉम कंपनियां बनाए 15 दिनों में आधार डिलींक करने की योजना: UIDAI
आधार कार्ड को बैंक खाते और मोबाइल नंबर से जोड़ने की अनिवार्यता को सुप्रीम कोर्ट ने खत्म कर दिया है। इसी फैसले को लेकर यूआईडीएआई ने देश के सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं से 12-अंकों के आधार पर आधारित ईकेवाईसी प्रमाणीकरण का उपयोग बंद करने के लिए 15 दिनों के अंदर एक योजना तैयार करने को कहा है।

सर्वोच्च अधिनियम ने आधार अधिनियम की धारा 57 खत्म किया
काफी समय से आधार को हर चीज में अनिवार्य बनाने को लेकर काफी चर्चा चल रही थी। जिसके चलते पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने आधार अधिनियम की धारा 57 को खत्म कर दिया। जिसमें निजी कंपनियों को 12 अंकों के बॉयोमीट्रिक आईडी-बेस ईकेवाईसी का उपयोग करने की इजाजत दी गई है।
ईकेवाईसी सबसे तेज़ तरीका है
ईकेवाईसी के रोलआउट के बाद, दूरसंचार के लिए एक नए मोबाइल कनेक्शन को एक्टिवेट करना आसान हो गया था। बता दें, आधार के जरिए ईकेवाईसी कराने वाले ग्राहकों की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली थी। ईकेवाईसी की मदद से, दूरसंचार एक घंटे से भी कम समय में एक नया मोबाइल कनेक्शन एक्टिवेट कर सकते थे। 2017 में जहां 4.8 करोड़ लोगों का ईकेवाईसी हुआ था, वहीं 2018 में यह बढ़कर 13.8 करोड़ हो गया था। बैंकों को भी ईकेवाईसी से अपना नेटवर्क और ग्राहक संख्या बढ़ाने में मदद मिली थी।
2016 में आरबीआई ने दिया था निर्देश
भारतीय रिजर्व बैंक ने दिसंबर 2016 में ओटीपी के जरिए ईकेवाईसी करने का निर्देश दिया था। आरबीआई ने तब अपने आदेश में बैंकों को कहा था कि वो ओटीपी के जरिए ग्राहकों की सहमति से ईकेवाईसी कर सकते हैं। हालांकि ईकेवाईसी कराने वाले ग्राहक एक साल में 1 लाख रुपये से ज्यादा पैसा जमा नहीं कर सकते हैं।


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