टेलिकॉम कंपनियां बनाए 15 दिनों में आधार डिलींक करने की योजना: UIDAI

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आधार कार्ड को बैंक खाते और मोबाइल नंबर से जोड़ने की अनिवार्यता को सुप्रीम कोर्ट ने खत्म कर दिया है। इसी फैसले को लेकर यूआईडीएआई ने देश के सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं से 12-अंकों के आधार पर आधारित ईकेवाईसी प्रमाणीकरण का उपयोग बंद करने के लिए 15 दिनों के अंदर एक योजना तैयार करने को कहा है।

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बता दें, यह कदम सुप्रीम कोर्ट के फैसले के एक हफ्ते बाद आया है। यूआईडीएआई ने भारती एयरटेल, रिलायंस जियो, वोडाफोन आइडिया, बीएसएनएल और बाकी दूरसंचार कंपनियों को पहले ही एक सर्कुलर जारी कर दिया है। कम्यूनिकेशन ने सभी टीएसपी को 26.09.2018 के फैसले का पालन करने के साथ जल्द कार्रवाई करने के लिए कहा है।

टेलिकॉम कंपनियां बनाए 15 दिनों में आधार डिलींक करने की योजना: UIDAI

सर्वोच्च अधिनियम ने आधार अधिनियम की धारा 57 खत्म किया

काफी समय से आधार को हर चीज में अनिवार्य बनाने को लेकर काफी चर्चा चल रही थी। जिसके चलते पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने आधार अधिनियम की धारा 57 को खत्म कर दिया। जिसमें निजी कंपनियों को 12 अंकों के बॉयोमीट्रिक आईडी-बेस ईकेवाईसी का उपयोग करने की इजाजत दी गई है।

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बता दें, इसके बाद दूरसंचार ऑपरेटरों जैसी निजी कंपनियां इस तात्कालिक और सस्ती आधार ईकेवाईसी का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगी। इसका मतलब यह होगा कि उद्योग को विरासत पेपर-आधारित तकनीक जैसे वैकल्पिक रूप में बदलना होगा। जिसमें पेपर फॉर्म हस्ताक्षर के साथ, फोटो, वेरिफिकेशन सेंटर या ग्राहक को कॉल करके सभी जरूरी जानकारी के बारें में पूछताछ करनी होगी।

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यूआईडीएआई के सीईओ अजय भूषण पांडे ने कहा कि आधार के इस्तेमाल को बंद करने के लिए कुछ चीजों को ठीक करने की जरुरत है। वहीं कंपनियां यह अच्छी तरह जानती है कि वास्तव में उन्हें क्या करना है। इन सभी को देखते हुए कंपनियां 15 अक्टूबर तक अपनी योजना जमा कर सकते हैं। अगर यूआईडीएआई पक्ष से कोई अतिरिक्त आवश्यकताएं पूरी की जानी हैं, तो हम उनकी योजना प्राप्त होने के बाद उन्हें बताएंगे।

 

ईकेवाईसी सबसे तेज़ तरीका है

ईकेवाईसी के रोलआउट के बाद, दूरसंचार के लिए एक नए मोबाइल कनेक्शन को एक्टिवेट करना आसान हो गया था। बता दें, आधार के जरिए ईकेवाईसी कराने वाले ग्राहकों की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली थी। ईकेवाईसी की मदद से, दूरसंचार एक घंटे से भी कम समय में एक नया मोबाइल कनेक्शन एक्टिवेट कर सकते थे। 2017 में जहां 4.8 करोड़ लोगों का ईकेवाईसी हुआ था, वहीं 2018 में यह बढ़कर 13.8 करोड़ हो गया था। बैंकों को भी ईकेवाईसी से अपना नेटवर्क और ग्राहक संख्या बढ़ाने में मदद मिली थी।

2016 में आरबीआई ने दिया था निर्देश

भारतीय रिजर्व बैंक ने दिसंबर 2016 में ओटीपी के जरिए ईकेवाईसी करने का निर्देश दिया था। आरबीआई ने तब अपने आदेश में बैंकों को कहा था कि वो ओटीपी के जरिए ग्राहकों की सहमति से ईकेवाईसी कर सकते हैं। हालांकि ईकेवाईसी कराने वाले ग्राहक एक साल में 1 लाख रुपये से ज्यादा पैसा जमा नहीं कर सकते हैं।

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English summary
The mandate of linking Aadhaar card to bank account and mobile number has been abolished by the Supreme Court. On the same decision, the UIDAI has asked all telecom service providers of the country to prepare a plan within 15 days to stop the use of EKYC certification based on a 12-digit basis.

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