Telegram के सीईओ गिरफ्तार, यहां जानें क्या है पूरा मामला
लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram के फाउंडर और CEO Pavel Durov को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उन्हें पेरिस में स्थानीय समयानुसार शनिवार शाम को गिरफ्तार किया है। जैसे ही वह अपने प्राइवेट जेट से अजरबैजान से ले बाॉर्गेट एयरपोर्ट पहुंचे, पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
इस मामले का खुलासा फ्रंट मीडिया ने किया। Pavel Durov पर पहले ही कुछ मामलों में आरोप लग चुके हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि अन्य कारणों के अलावा मनी लॉन्ड्रिंग, धोखाधड़ी नशीली दवाओं की जानकारी शेयर करने, बच्चों पर यौन उत्पीडन को रोकने के लिए Telegram ऐप में किसी भी अपडेट की कमी के लिए गिरफ्तार किया गया था।

ऐसा लगता है कि Telegram ऐप में मॉडरेटर की कमी के वजह से कंट्रोल करना मुश्किल है और इन मुद्दों पर जांच भी की जा रही है। Pavel Durov पर धोखाधड़ी, मादक पदार्थों की तस्करी और साइबर अपराध सहित अन्य गंभीर आरोप हैं।
इसके लिए अधिकारियों ने पहले ही वारंट जारी कर दिया है। उनके आज कोर्ट में पेश होने की भी संभावना है। Telegram के सीईओ की गिरफ्तारी पर कंपनी को आधिकारिक तौर पर प्रतिक्रिया देनी होगी। फ्रांस सरकार ने भी गिरफ्तारी पर कोई बयान नहीं दिया है। हालांकि फ्रांस में रूसी दूतावार ने ड्यूरोव की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया दी है। इसमें कहा गया है कि स्थिति को समझने के लिए कदम उठाए गए हैं।
Telegram के फाउंडर के लिए सोशल मीडिया पर आ रहे रिएक्शन
Telegram सीईओ की गिरफ्तारी पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई लोग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। पावेल ड्यरोव के सपोर्ट में ट्वीट कर रहे हैं। लेकिन ड्यूरोव ने पहल टिप्पणी की थी कि कई सरकारें उन पर दबाव डाल रही हैं। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे न्यूट्रल प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं।
बता दें कि Telegram की स्थापना पावेल के द्वारा सन 2013 में रूस में की गई थी। पावेल के एक अन्य ऐप VKontakte में विपक्षी समुदाय पर प्रतिबंध लगाने के रूसी सरकार के दबाव में पावेल ने 2014 में रूस छोड़ दिया था। बाद में इस ऐप को बेच दिया गया। फिलहाल वे दुबई में निवास कर रहे हैं। Telegram पर रूसी सरकार ने 2018 में लगा प्रतिबंध हटा दिया था।


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