Airtel लाया नई सुविधा, ग्राहकों को मिलेगा ये फायदा
दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने सोमवार को टेलीनॉर इंडिया का भारती एयरटेल में विलय को मंजूरी दे दी. मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो दूरसंचार विभाग ने सोमवार सुबह टेलीनॉर इंडिया को भारती एयरटेल के साथ विलय को मंजूरी दे दी. विलय से भारतीय एयरटेल को आने वाले दिनों में बहुत फायदे होने की संभावना है. इस सर्विस में टेलीनॉर नेटवर्क ग्राहक बिना सिम, नंबर और प्लान बदले एयरटेल नेटवर्क का फायदा उठा सकेंगे.
दूरसंचार विभाग (डीओटी) तरफ से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि डीओटी ने टेलीनॉर इंडिया के सभी लाइसेंसों और दायित्वों का हस्तांतरण भारती एयरटेल को कर दिया है.

गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह कंपनियों को लगभग 1,700 करोड़ रुपये की सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करने का निर्देश देने को लेकर दाखिल की गई दूरसंचार विभाग की याचिका को खारिज कर दिया था और विलय को मंजूरी देने का निर्देश दिया था.
बता दें कि पिछले साल ही दोनों कंपनियों के बीच विलय पर सहमति हो गई थी। एयरटेल ने कहा था कि उसने नार्वे की इस बड़ी कंपनी के अधिग्रहण के लिए 'निश्चित समझौते' के तहत डील की है.
इस विलय के बाद एयरटेल के एमडी & सीइओ गोपाल विट्टल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि "हम सभी टेलीनॉर ग्राहकों का एयरटेल परिवार में स्वागत करते हैं. हमारा प्रयास रहेगा कि हम अपने ग्राहकों की उम्मीदों पर खरा उतरे." साथ ही उन्होंने विलय में अहम रोल निभाने वालों को शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि 'हम इस लेनदेन को मंजूरी देने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों और हितधारकों का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं.'
बता दें, इस विलय के बाद एयरटेल स्पेक्ट्रम के मामले में खासा फायदा होगा. उसके पास 1800 मेगाहर्ट्ज में 43.4 मेगाहर्ट्ज अतिरिक्त स्पेक्ट्रम सात सर्किलों में होगा. ऐसा इसलिए क्योंकि एयरटेल अब देश के सात दूरसंचार सर्किलों में टेलीनॉर इंडिया के कारोबार का अधिग्रहण करेगी. इन सर्किलों में आंध्र प्रदेश, बिहार,महाराष्ट्र , गुजरात, उत्तर प्रदेश (पूर्व), उत्तर प्रदेश (पश्चिम) और असम शामिल हैं. इन सर्किलों में काफी सघन आबादी है और इसलिए वृद्धि की संभावनाएं भी अपार हैं. आपको बता दें कि एयरटेल-टेलीनॉर के विलय को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल पहले ही मंजूरी दे चुका है.

विलय सौदे को मंजूरी मिलने के बाद एयरटेल एक गैर-नकदी सौदे के तहत टेलीनॉर इंडिया को खरीदेगी और उसके करीब 16.50 अरब रुपये के स्पेक्ट्रम बकाये का भुगतान करेगी। टेलीनॉर के साथ हुए इस सौदे से एयरटेल को स्पेक्ट्रम धारिता बढ़ाने में मदद मिलेगी जो सभी बैंडों में 979.45 मेगाहट्ïर्ज तक पहुंच जाएगी। साथ ही इससे एयरटेल को वोडाफोन-आइडिया सेल्युलर के मुकाबले राजस्व और ग्रहक बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने में भी मदद मिलेंगे.


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