Google Ads में सबसे ज्यादा खर्च करने वाली पार्टी बीजेपी: गूगल रिपोर्ट
WhatsApp ने राजनीतिक दलों को दी चेतावनी, कहा नहीं मानें तो बंद हो जाएगा अकाउंटभारत में आजकल चुनावी माहौल चल रहा है। लोकसभा चुनाव शुरू होने वाला है। भारत में इस बार आम चुनाव सात चरणों में होंगे। पहला चरण 11 अप्रैल को होगा वहीं अंतिम चरण 19 मई को होगा। जिसके बाद 23 मई को नतीजे आएंगे और फिर नई सरकार बनेगी। इस दौर में राजनीतिक पार्टियां अपनी-अपनी प्रचार-प्रसार में लगी हुई है।

देश के हर गली, नुक्कड़ और चौराहो तक राजनीतिक दल अपनी बातों को पहुंचाने में लगे हुए हैं। अपनी-अपनी बातों को पहुंचाने के लिए पार्टियां सोशल मीडिया का भी भरपूर प्रयोग कर रही है। सोशल मीडिया ने इन पार्टियों को प्रचार-प्रसार के जरिए काफी फायदा पहुंचाया है। इस वजह से इस चुनाव के दौरान भी काफी ऐड्स का इस्तेमाल किया जा रहा है।
गूगल ऐड पर सबसे ज्यादा खर्च
इस मामले में गूगल ने अपनी एक रिपोर्ट पेश की है। गूगल की इस रिपोर्ट का नाम Google Transparency Report है। इस रिपोर्ट में गूगल ने दिखाया है कि 19 फरवरी 2019 से लेकर 4 अप्रैल 2019 तक राजनीतिक पार्टियों ने गूगल ऐड्स के जरिए प्रचार करने में कितना खर्च किया है। इस लिस्ट में सबसे ऊपर भारतीय जनता पार्टी है। भारतीय जनता पार्टी ने 19 फरवरी से 4 अप्रैल तक यानि 45 दिनों में गूगल ऐड में सबसे ज्यादा पैसा खर्च किया है। भारतीय जनता पार्टी ने इसके लिए ₹12,148,600 रुपए खर्च किए हैं। जो सभी पार्टियों और एजेंसियों से ज्यादा है।
इसके बाद दूसरे नंबर पर Yuvajana Sramika Rythu Congress Party है। इसने भी बीते 45 दिनों के दौरान गूगल ऐड्स में ₹10,434,500 रुपए खर्च किए हैं। आपको बता दें कि ये पार्टी आंध्र-प्रदेश और तेलंगाना की क्षेत्रिय पार्टी है। इसके अलावा देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इस लिस्ट में छठें स्थान पर है। कांग्रेस पार्टी ने बीते इन 45 दिनों में ₹54,100 रुपए खर्च किए हैं।
अगर राज्यों के अनुसार तुलना करें तो सबसे ज्यादा गूगल ऐड पर पैसा खर्च आंध्र-प्रदेश में हुआ है। आंध्र-प्रदेश में कुल ₹17,356,100 रुपए खर्च हुए हैं। इसका कारण है कि दो सबसे ज्यादा खर्च करने वाली पार्टियों ने यहां खर्च किया है। इसके बाद सबसे ज्यादा खर्च की लिस्ट में बिहार, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्य हैं। इन राज्यों ने भी करोड़ों रुपए गूगल के जरिए प्रचार करने में किए हैं। इन सभी डेटा का विस्तार में जानने के लिए आप नीचे दिए गए सोर्स लिंक पर क्लिक कर सकते हैं।
इस ख़बर का सोर्स:- Google Transparency Report


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