भारत की टॉप 10 सॉफ्टवेयर कंपनी

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भारतीयों का दबदबा हर कहीं हैं फिर वो चाहे नासा हो या फिर गूगल, इसके अलावा कई ऐसे भारतीय दिग्‍गज हैं जिन्‍होंने अपने दम पर आईटी जगत में एक नया नाम कमाया है। जिनकी वजह से आज भारत बड़ी आईटी इंडस्‍ट्रीज में गिना जाता है।

आज हम आपको ऐसी की 10 कंपनियां और उनको दुनियां की जानीमानी कंपनी बनाने वाले उनके जनकों के बारे में बताएंगे जिन्‍होंने विदेशों में भी न सिर्फ अपना नाम कमाया है बल्‍कि वहां पर अपनी पकड़ भी कायम की है। इनमें इंफोसिस, विप्रो, टाटा कंसलटेंसी, महिन्‍द्रा सत्‍यम, एचसीएल, एल एंड टी जैसे नाम शामिल हैं।

Mphasis
 

Mphasis

HCL

HCL

1976 में बनी एचसीएल का हेडक्‍वॉटर नोयडा में हैं, एचसीएल 18 देशों में अपनी सेवाएं देती है।

रेवेन्‍यू -$4.4 बिलियन डॉलर

कर्मचारी- 85,194

iGate Patni

iGate Patni

Infosys

Infosys

7 लोगों द्वारा शुरु किए गए इंफोसिस की नीव 1981 में रखी गई थी जिनमें से एक एनआर नारायण मूर्ती भी थे। $250 डॉलर से शुरु हुई इंफोसिस आज भारत की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है। इंफोसिस के ऑफिस 27 देशों में बने हुए हैं।

रेवेन्‍यू -$7.00 बिलियन

कर्मचारी- 153,761

Larsen & Toubro
 

Larsen & Toubro

Mahindra Satyam

Mahindra Satyam

Tcs

Tcs

1968 में जेआरडी टाटा ने सबसे पहले टाटा की नीव रखी थी। टाटा कंसलटेंसी भारत की 10 सबसे पॉपुलर कंपनियों में से एक है। इसके अलावा भारत की सबसे बड़ी मल्‍टीनेशनल कंपनियों में से एक टाटा कंसलटेंसी 47 देशों में अपनी सर्विस प्रोवाइड करती है।

रेवेन्‍यू - $10.17 बिलियन

कर्मचारी- 254,076

Tech Mahindra

Tech Mahindra

Wipro

Wipro

विप्रो की नीव 1945 में अजीम प्रेमजी ने रखी थी। विप्रो का हेडक्‍वार्टर आफिस बैंगलोर में हैं। भारत की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में विप्रो का नाम भी शामिल है। विप्रो के ऑफिस 50 से भी ज्‍यादा देशों में है।

रेवेन्‍यू - $7.30 बिलियन

कर्मचारी- 135,920

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