स्मार्टफोन से जुड़ें ऐसे झूठ जिन्हें आप आजतक सच मानते आएं हैं...!
दुनिया में करीब 70 फीसदी लोग स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं। लोगों के मन में स्मार्टफोन से जुड़े कई मिथक होते हैं। जैसे कुछ लोग कहते हैं कि रात को फोन चार्जिंग पर नहीं रखना चाहिए, ज्यादा मेगापिक्सल का कैमरा बेहतर होता है आदि। अगर आपको भी ये सारी बातें सच लगती हैं तो इस आर्टिकल को जरूर पढ़ें जहां हम आपको फोन से जुड़े कुछ ऐसे ही मिथक बताएंगे और साथ ही उनकी सच्चाई भी।
स्मार्टफोन का कैमरा
हम में से ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि जिसका कैमरा ज्यादा मेगापिक्सल का होता है, वो कैमरा बेहतर होता है। लेकिन ऐसा नहीं है कि क्योंकि फोटो की क्वालिटी मेगापिक्सल के साथ साथ अपर्चर आदि पर भी निर्भर करती है। लिहाजा, आप ऐसा ना समझें कि आपके फोन का कैमरा ज्यादा मेगापिक्सल वाला है तो उसकी क्वालिटी भी अच्छी होगी।
बैटरी और चार्जिंग
कहा जाता है कि फोन की बैटरी पूरी खत्म होने पर ही चार्ज करें। साथ ही कहा जाता है कि पहली बार जब फोन इस्तेमाल करें तो उसे फुल चार्ज करें। कुछ लोगों का मानना ये भी है कि ज्यादा एमएएच की बैटरी अच्छी होती है, लेकिन आपको बता दें कि ये सारी बातें महज़ मिथक हैं। ऐसा भी माना जाता है कि पूरी रात फोन को चार्जिंग पर नहीं लगाना चाहिए। इससे बैटरी खराब हो जाती है। लेकिन ऐसा नहीं है क्योंकि फुल चार्ज हो जाने के बाद चार्जर करंट लेता ही नहीं है। बैटरी के बारे में अगर आप भी ऐसी कुछ बातें मानते हैं तो जान लें कि ये सिर्फ अफवाहें हैं।
ब्राइटनेस
कई स्मार्टफोन्स ऐसे होते हैं कि जिनमें ऑटो ब्राइटनेस मोड होता है यानि अगर आप धूप में हैं तो ब्राइटनेस तेज़ हो जाएगी और अगर छांव या रात है तो ब्राइटनेस कम हो जाएगी। ऐसे में लोगों का लगता है कि ऑटो मोड रखने से फोन की बैटरी जल्दी खत्म होती है। हालांकि ऐसा कुछ भी नहीं है। ये भी सिर्फ एक अफवाह है।
थर्ड पार्टी एप
अक्सर लोग कहते हैं कि फोन में थर्ज पार्टी ऐप रखने से वायरस आते हैं। लेकिन आपको बता दें कि आपके फोन में करीब 70 फीसदी वायरस गूगल प्ले-स्टोर से ही पहुंचते हैं। एक सर्वे में पाया गया है कि वायरस पहुंचाने का सबसे बड़ा सोर्स गूगल प्ले-स्टोर होता है। अब आप खुद समझ सकते हैं कि किसी भी थर्ड पार्टी ऐप को डाउनलोड करने के लिए आप एंड्रॉयड फोन में गूगल प्ले-स्टोर का इस्तेमाल करते हैं, जो सबसे ज्यादा वायरस आपके फोन में लेकर आता है।
बैकग्राउंड एप
अगर आपको भी ये लगता है कि बैंकग्राउंड में चलने वाली ऐप्स फोन की बैटरी खत्म कर देते हैं और फोन हैंग होता है, तो आप गलत हैं। ऐसा कुछ भी नहीं है। अगर कोई एप बैकग्राउंड में चल रहा है तो वह तेजी से खुलेगा और इससे आपके फोन में हैंग होने की दिक्कत नहीं आने वाली है। लिहाजा, स्मार्टफोन के बारे में यह भी एक अपवाह ही है।


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