TRAI प्रमुख को आधार चैलेंज देना पड़ा महंगा, लीक हुई कई निजी जानकारियां
आधार कार्ड काफी उपयोगी हो गया है। हमें हर जरूरी काम के लिए आधार कार्ड की मदद चाहिए होती है इसलिए आधार कार्ड को लिंक कराना काफी जरूरी है। हालांकि कुछ लोग आधार कार्ड को अनिवार्य करने के खिलाफ हैं लेकिन कुछ लोग इसे काफी अच्छा फैसला मानते हैं। अाधार कार्ड की अनिवार्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी मामला चल रहा है क्योंकि कई लोगों का मानना है कि इससे उनकी निजी प्राइवेसी का हनन होता है। आधार कार्ड नंबर को लेकर एक और मामला सामने आया है। दरअसल, भारतीय दूरसंचार नियामाक प्राधिकरण (ट्राई) प्रमुख आर.एस शर्मा ने आधार की सुरक्षा का पुख्ता दावा करते हुए ट्विटर पर एक यूजर को सवाल का जवाब देते हुए 12 अंकों का अपना आधार नंबर शेयर किया था।

ट्राई प्रमुख ने दिया चैलेंज
ट्राई प्रमुख ने ट्विटर चैलेंज करते हुए लिखा था- 'मेरा आधार नंबर 7621 7768 2740 है। अब मैं चुनौती देता हूं कि कोई भी मेरे आंकड़े को लीक करके दिखाए, जिससे मुझे किसी भी किस्म का नुकसान पहुंचाया जा सके।' आर.एस शर्मा के सोशल मीडिया में चेलेंज देने के कुछ देर बाद ही कुछ ऐसा हुआ जो काफी आश्चर्यजनक था।
My Aadhaar number is 7621 7768 2740
— RS Sharma (@rssharma3) July 28, 2018
Now I give this challenge to you: Show me one concrete example where you can do any harm to me!
आधार चैलेंज का क्या निकला नतीजा
दरअसल, इलियट एल्डरसन उपनाम वाले फ्रांस के एक सुरक्षा विशेषज्ञ का ट्विटर हैंडल "@fsoc131y" है। उन्होंने ट्वीट्स की श्रृंखला में शर्मा जी के निजी जीवन के कई आंकड़े, उनके 12 अंकों की आधार संख्या के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारी जुटाकर कई ट्वीट करके सारी जानाकारी सार्वजनिक कर दी। जिनमें शर्मा का निजी पता, जन्मतिथि, वैकल्पिक फोन नंबर समेत कई जानकारियां शामिल है। एंडरसन ने कहा कि 'आधार नंबर सार्वजनिक करना खतरनाक है, इसका अंदाजा आपको लग गया होगा। इसके जरिए लोग एड्रेस, फोन नंबर और डेट ऑफ बर्थ समेत बहुत कुछ जान सकते है। मैं उम्मीद करता हूं कि आप समझ गए होंगे कि अपना आधार नंबर सार्वजनिक करना एक अच्छा विचार नहीं है।
क्या है UIDAI का कहना
यूआईडीएआई ने सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स के दावों को खारिज कर दिया। यूआईडीएआई ने जोर देकर कहा कि शर्मा से संबंधित किसी भी जानकारी को आधार डेटाबेस या यूआईडीएआई के सर्वर से नहीं लाया गया था। संगठन ने स्पष्ट किया कि ट्राई प्रमुख के बारे में हैक की गई जानकारी सार्वजनिक डोमेन में पहले से ही उपलब्ध थी क्योंकि वह दशकों से सरकारी कर्मचारी रहें हैं। लोगों को सोशल मीडिया पर ऐसे धोखाधड़ी करने वालों पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
यूआईडीएआई ने कहा कि "शर्मा जी का मोबाइल नंबर नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर की वेबसाइट पर उपलब्ध है। उनकी जन्म तिथि आईएएस अधिकारी की नागरिक सूची में उपलब्ध है जो सार्वजनिक डोमेन में रखी जाती है और उनका पता भारत के दूरसंचार नियामक प्राधिकरण वेबसाइट पर है। आधार डेटाबेस पूरी तरह से सुरक्षित है और उनके बारे में कोई जानकारी यूआईडीएआई के सर्वर या आधार डेटाबेस से प्राप्त नहीं की गई है। है। यह उभरती हुई डिजिटल दुनिया और व्यक्तिगत डेटा संरक्षण को चुनौती है।


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