घर खरीदने से पहले चेक करें इंटरनेट क्वालिटी: TRAI का नया डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग मैनुअल 2026
टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने 9 जून को 'डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग मैनुअल 2026' जारी कर दिया है। इस नए फ्रेमवर्क के जरिए अब इमारतों को वहां मिलने वाले इंटरनेट और मोबाइल सिग्नल की क्वालिटी के आधार पर रेटिंग दी जाएगी। अब घर खरीदार या किराएदार आसानी से चेक कर पाएंगे कि किसी प्रॉपर्टी में 5G सिग्नल और फाइबर कनेक्टिविटी कैसी है। यह टूल आधुनिक रेजिडेंशियल और कमर्शियल स्पेस चुनने का नजरिया पूरी तरह बदल देगा।
इस मैनुअल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बिल्डर अपनी बिल्डिंग में ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करें, जहां सभी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को बराबर मौका मिले। पहले अक्सर रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) किसी एक ही ऑपरेटर के साथ एक्सक्लूसिव डील कर लेते थे, जिससे लोगों के पास विकल्प नहीं बचता था। अब नई रेटिंग सिस्टम के तहत, जिस बिल्डिंग में जितने ज्यादा प्रोवाइडर्स होंगे, उसे उतने ही ज्यादा पॉइंट्स मिलेंगे। कंपनियों के बीच इस होड़ से ग्राहकों को बेहतर सर्विस मिलने की उम्मीद है।

डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग मैनुअल 2026 और फाइबर रेडीनेस
| रेटिंग फैक्टर | यूजर्स को फायदा |
|---|---|
| फाइबर रेडी | हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड सेटअप करना होगा बेहद आसान। |
| सिग्नल स्ट्रेंथ | लिफ्ट के अंदर भी मिलेगा शानदार 5G कवरेज। |
| ओपन एक्सेस | अपनी पसंद का इंटरनेट प्रोवाइडर चुनने की पूरी आजादी। |
रेटिंग के लिए मुख्य रूप से 'फाइबर-टू-द-होम' की सुविधा और सिग्नल की मजबूती को आधार बनाया जाएगा। सर्वे के दौरान कंक्रीट की मोटी दीवारों और कांच के पीछे भी कनेक्टिविटी की जांच की जाएगी। भारतीय शहरों के लिहाज से इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब लिफ्ट में कॉल ड्रॉप की समस्या काफी कम हो जाएगी। बेहतर वीडियो स्ट्रीमिंग और वर्क-फ्रॉम-होम के अनुभव के लिए खरीदारों को हाई रेटिंग वाली प्रॉपर्टी ही चुननी चाहिए।
अब बिल्डरों के लिए अपने प्रोजेक्ट्स को इन नए कनेक्टिविटी स्टैंडर्ड्स के हिसाब से ढालना जरूरी हो गया है। चूंकि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर अब बिजली-पानी जैसी बुनियादी जरूरत बन चुका है, इसलिए अच्छी रेटिंग वाली प्रॉपर्टी की वैल्यू भी बढ़ेगी। किराएदारों को भी यह चेक करना चाहिए कि बिल्डिंग में फाइबर के लिए मल्टीपल एंट्री पॉइंट्स हों, ताकि बिना किसी तोड़-फोड़ या वायरिंग के झंझट के आसानी से ऑपरेटर बदला जा सके।
TRAI के इस कदम से BSNL जैसे ऑपरेटरों को भी शहरी और ग्रामीण इलाकों में अपना नेटवर्क बेहतर करने का प्रोत्साहन मिलेगा। जैसे-जैसे 5G का दायरा बढ़ रहा है, यह मैनुअल टेलीकॉम आर्किटेक्चर के लिए एक रोडमैप का काम करेगा। जो प्रॉपर्टी मालिक इन नियमों को नजरअंदाज करेंगे, उनके घरों की डिमांड कम हो सकती है। कुल मिलाकर, 'डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग मैनुअल 2026' अब ग्राहकों को घर बैठे हाई-क्वालिटी सर्विस की मांग करने की ताकत देता है।


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